स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव, उत्तर प्रदेश ✍️
लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज मेरठ, कानपुर और मथुरा–वृंदावन के लिए तैयार की गई समग्र नगरीय विकास योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इन शहरों का विकास केवल सड़कों और भवनों के निर्माण तक सीमित न रहे, बल्कि स्थानीय पहचान, इतिहास, संस्कृति और आधुनिक सुविधाओं का संतुलित समावेश दिखाई दे।
सीएम ने निर्देश दिया कि योजनाओं को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाए और सभी कार्य समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण रहें, ताकि नागरिकों को स्पष्ट रूप से विकास का लाभ महसूस हो। उन्होंने मेरठ में प्रस्तावित बिजली बम्बा बाईपास को लखनऊ ग्रीन कॉरिडोर की तर्ज पर पीपीपी मोड में विकसित करने की संभावनाएं तलाशने को कहा।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि अयोध्या, वाराणसी, गोरखपुर और प्रयागराज मॉडल के आधार पर इन तीनों शहरों के लिए भी एकीकृत विकास ढांचा अपनाया गया है। जनप्रतिनिधियों से संवाद और विभागीय समन्वय के बाद कुल 478 परियोजनाओं की रूपरेखा तैयार की गई है—जिसमें मेरठ की 111, कानपुर की 109 और मथुरा–वृंदावन की 258 प्रस्तावित परियोजनाएं शामिल हैं।
परियोजनाओं को अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक श्रेणियों में बांटकर स्पष्ट समय सीमा तय की गई है। वर्ष 2025–26 के पहले चरण में मेरठ में 11, कानपुर में 13 और मथुरा–वृंदावन में 14 प्राथमिक परियोजनाओं पर कार्य शुरू होगा।
मेरठ के लिए प्रमुख प्रस्ताव
यातायात सुधार को प्राथमिकता देते हुए बिजली बम्बा बाईपास, लिंक रोड, हापुड़ अड्डा–गांधी आश्रम चौड़ीकरण, ईस्टर्न कचहरी रोड सुधार, 19 प्रमुख चौराहों का पुनर्विकास, संजय वन सुधार, जल पुनर्चक्रण प्रणाली, स्मार्ट रोड और यूनिवर्सिटी रोड क्षेत्रीय पुनर्विकास जैसी परियोजनाएं शामिल हैं।
कानपुर के लिए दृष्टि—‘रूटेड इन लेगेसी, राइजिंग टू टुमॉरो’
मैनावती मार्ग चौड़ीकरण, मल्टीलेवल पार्किंग, मास्टर प्लान रोड, ग्रीन पार्क क्षेत्र का शहरी पुनर्विकास, मकसूदाबाद सिटी फॉरेस्ट, बॉटेनिकल गार्डन, वीआईपी रोड सुधार, रिवरफ्रंट लिंक, ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, मेट्रो विस्तार और ग्रेटर कानपुर का विज़न प्रस्तुत किया गया।
मथुरा–वृंदावन: ‘विजन–2030’
श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए स्ट्रीट फसाड डेवलपमेंट, मल्टीलेवल पार्किंग, बस पार्किंग, मुख्य प्रवेश द्वारों का सौंदर्यीकरण, नए मार्ग, बरसाना–गोवर्धन–राधाकुंड कॉरिडोर सुधार, परिक्रमा मार्ग पर सुविधाएं और नगर प्रवेश से धार्मिक स्थलों तक संकेतक व प्रकाश व्यवस्था जैसी योजनाएं शामिल हैं।
सीएम योगी ने नवाचार, प्रभावी प्रबंधन और वित्तीय संसाधनों के इष्ट संयोजन पर जोर देते हुए कहा कि जहां संभव हो वहां पीपीपी मोड अपनाया जाए। उन्होंने कहा कि शहरी विकास का उद्देश्य ऐसा ढांचा तैयार करना है जो यातायात को सुगम बनाए, सार्वजनिक परिवहन और पैदल यात्रियों को प्राथमिकता दे तथा स्थानीय पहचान को सुदृढ़ करे।
सरकार ने आश्वासन दिया कि इन परियोजनाओं के लिए आवश्यक अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराया जाएगा।



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