Breaking News

लखनऊ बिग ब्रेकिंग: कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर का बड़ा फैसला; यूपी के...

 

🎓 मदरसा शिक्षा आधुनिकीकरण / यूपी कैबिनेट महा-समीक्षा
✍️ ब्यूरो रिपोर्ट: आनंद कुमार, लखनऊ
📅 लखनऊ | 24 मई, 2026
🌐 सच की आवाज वेब न्यूज — अल्पसंख्यक कल्याण विभाग विशेष: राज्य मंत्री दानिश आज़ाद अंसारी की उपस्थिति में विभागीय योजनाओं का रीयल-टाइम सर्विलांस, पारदर्शी शिक्षा हेतु कड़े नोडल निर्देश

खनऊ। उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण प्रभाग में पूर्ण पारदर्शिता लाने, मदरसा शिक्षा प्रणाली का डिजिटलीकरण करने तथा कलेक्ट्रेट व शासन की नीतियों के अनुरूप शिक्षण व्यवस्था को मुख्यधारा से जोड़ने हेतु प्रदेश सरकार अत्यंत विज़नरी कदम उठा रही है। इसी क्रम में आज राजधानी लखनऊ के मुख्य प्रशासनिक पटल पर उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री **माननीय श्री ओम प्रकाश राजभर** द्वारा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की महत्वपूर्ण विभागीय योजनाओं की एक उच्च स्तरीय मैराथन समीक्षा बैठक संपन्न की गई। इस महा-समीक्षा बैठक में अल्पसंख्यक कल्याण एवं मुस्लिम वक्फ विभाग के राज्य मंत्री **श्री दानिश आज़ाद अंसारी** की भी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज की गई। बैठक में मदरसों के कायाकल्प और विसंगतियों को दूर करने हेतु कई बड़े व ऐतिहासिक विलेख निर्देशों को विमुक्त किया गया।

📌 फर्जीवाड़े पर विधिक चोट: बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य, शिक्षकों का होगा कड़ा मूल्यांकन:

विभागीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने मदरसों में शिक्षकों और कर्मचारियों की विसंगतिपूर्ण अनुपस्थिति की प्रविष्टियों पर कड़ा संज्ञान लिया। उन्होंने विधिक निर्देश जारी किए कि प्रदेश के सभी अनुदानित व मान्यता प्राप्त **मदरसों में तत्काल प्रभाव से 'बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली' (Biometric Attendance)** को शत-प्रतिशत लागू किया जाए। इसके साथ ही, मदरसा शिक्षकों की शैक्षणिक गुणवत्ता को निखारने के लिए विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम (प्रशिक्षण) आयोजित करने तथा उनके समयबद्ध तकनीकी मूल्यांकन (Evaluation) की त्रिस्तरीय नोडल कमान स्थापित करने पर विशेष ज़ोर दिया गया।

📜 अल्पसंख्यक कल्याण विभाग समीक्षा बैठक एवं मुख्य नीतिगत चार्ट:
📊 डिजिटल सर्विलांस एवं ढांचागत सुधार 📚 पाठ्यक्रम समावेशन एवं राष्ट्रवाद चेतना
हाजिरी कस्टडी अपग्रेड: सभी पंजीकृत छात्रों व शिक्षकों के लिए डिजिटल बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य।
टीचर्स ट्रेनिंग मॉड्यूल: मदरसा शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण विधाओं व कंप्यूटर ज्ञान से लैस करने के निर्देश।
पारदर्शिता ट्रैकर: विभागीय अनुदान व छात्रवृत्ति के वितरण की रीयल-टाइम ऑडिटिंग प्रक्रिया लागू।
ऐतिहासिक पाठ्यक्रम: देश के गौरवमयी स्वतंत्रता सेनानियों की जीवन गाथाओं को पाठ्यक्रम में शामिल करने के विलेख निर्देश।
मूल्यपरक शिक्षा: छात्रों में राष्ट्रप्रेम, सामाजिक समरसता और जिम्मेदार नागरिकता का समावेशन करना अनिवार्य।
आधुनिक विज्ञान: दीनी तालीम के साथ-साथ गणित, विज्ञान व अंग्रेजी भाषा के नोडल संतुलन पर बल।
🛡️ 'नदियों के सफाई नायक' की तर्ज पर राष्ट्रनायकों का इतिहास पढ़ेंगे छात्र, पाठ्यक्रम में होगा बदलाव:

बैठक पटल की सबसे महत्वपूर्ण घोषणा मदरसा छात्रों के मानसिक व राष्ट्रीय उन्नयन से जुड़ी रही। कैबिनेट मंत्री ने स्पष्ट विलेख निर्देश दिए कि मदरसों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को भारत के महान **स्वतंत्रता सेनानियों व राष्ट्रनायकों के गौरवशाली इतिहास** के बारे में अनिवार्य रूप से पढ़ाया जाए। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी में देश के प्रति समर्पण की भावना जागृत करना है। राज्य मंत्री श्री दानिश आज़ाद अंसारी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस पाठ्यक्रम समावेशन के क्रियान्वयन हेतु मदरसा शिक्षा बोर्ड के नोडल पदाधिकारियों के साथ मिलकर तत्काल नियमावली तैयार की जाए।

आधुनिक शिक्षा और राष्ट्रवाद का समावेशन ही अल्पसंख्यक युवाओं के सशक्तीकरण का विधिक रोडमैप है

"मदरसा शिक्षा प्रणाली में सुधार लाना उत्तर प्रदेश सरकार का अभेद्य सुशासनात्मक संकल्प है। बायोमेट्रिक उपस्थिति लागू होने से जहाँ कागजी और विसंगतिपूर्ण प्रविष्टियों पर पूर्ण विराम लगेगा, वहीं राज्य के बजट का सही उपयोग अंतिम छोर के जरूरतमंद छात्र तक पहुँचेगा। हम मदरसों का आधुनिकीकरण इस प्रकार कर रहे हैं कि यहाँ पढ़ने वाला छात्र दीन की मुकद्दस तालीम के साथ-साथ देश के अमर बलिदानियों के इतिहास को भी विधिक रूप से जाने और समझे। शिक्षकों के प्रशिक्षण और मूल्यांकन में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। जो संस्थान सुशासन के इन पारदर्शी नियमों का पालन नहीं करेंगे, उनके विरुद्ध कड़े प्रवर्तन कानून के तहत वैधानिक कदम उठाए जाएंगे।" — अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्री ओम प्रकाश राजभर

लखनऊ कलेक्ट्रेट प्रभाग, आईआईएम रोड, हजरतगंज प्रशासनिक अंचल, काकोरी, मलिहाबाद और सूबे के विभिन्न प्रबुद्ध मुस्लिम संगठनों, प्रबुद्ध शिक्षाविदों, मदरसा प्रबंधकों और कलेक्ट्रेट जनसुनवाई मंचों से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार द्वारा मदरसा शिक्षा को हाई-टेक व राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत बनाने के इस पारदर्शी व दूरदर्शी सुशासन कदम की खुले दिल से सराहना की है। अल्पसंख्यक कल्याण नोडल कमान ने पुनः प्रदेश के समस्त मदरसा संचालकों से विधिक अपील की है कि वे समय रहते अपने परिसरों में डिजिटल बायोमेट्रिक इंफ्रास्ट्रक्चर को दुरुस्त करें, शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करें तथा आधुनिक तकनीकी पाठ्यक्रमों का स्कूल स्तर पर नियमित समावेशन करने में शासन का पूर्ण विधिक सहयोग करें, ताकि आपसी समन्वय से प्रदेश की शैक्षणिक अवसंरचना को वैश्विक रोस्टर पर सर्वोच्च स्थान दिलाया जा सके।

🏷️ #OmPrakashRajbharMinister #DanishAzadAnsari #MadarsaModernizationUP #BiometricAttendanceUP #MadarsaTeachersTraining #FreedomFightersHistory #MinorityWelfareUP2026 #UP_MadarsaBoard #TransparentEducation #SachKiAawaz
📈 पारदर्शी सुशासन, सुदृढ़ शैक्षणिक कीर्तिमान — विभागीय विसंगतियों का समूल नाश, डिजिटल उपस्थिति सर्विलांस और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के बौद्धिक व विधिक संरक्षण के महा-संकल्प के साथ सदैव समर्पित 'सच की आवाज'।

"जनता के हक की आवाज, हर समय - सच की आवाज वेब न्यूज"

Post a Comment

0 Comments