लखनऊ। राजधानी के ग्रामीण व उपनगरीय अंचलों में सुचारू विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के सरकारी दावों को बिजली विभाग के लापरवाह कर्मचारी धरातल पर पलीता लगा रहे हैं। काकोरी अंतर्गत बुद्धेश्वर क्षेत्र के **चिलौली पावर हाउस** में बीती पूरी रात बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप रहने से हड़कंप मच गया। चिलचिलाती धूप और भीषण उमस (हिट वेव) के बीच पूरी रात बिजली गायब रहने से हजारों की आबादी को भारी विसंगतियों का सामना करना पड़ा। इस गंभीर तकनीकी फॉल्ट के समय जब पीड़ित उपभोक्ता आधी रात को उपकेंद्र पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर जनता का विधिक रोष भड़क उठा। जिम्मेदार उपकेंद्र कर्मी मुख्य फाटक के अंदर से ताला बंद कर गहरी नींद में सोते पाए गए।
मुख्य आवाज संवाददाता **प्रेम चन्द्र यादव** के अनुसार, बीती रात चिलौली पावर हाउस के मुख्य ट्रांसफार्मर में अचानक खराबी आ जाने के कारण बुद्धेश्वर क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई। रातभर बिजली गुल रहने के कारण घरों में लगे इनवर्टर जवाब दे गए, जिससे नवजात शिशुओं, बीमार बुजुर्गों को भीषण गर्मी में जागना पड़ा। सबसे विकट समस्या पेयजल की उत्पन्न हुई, क्योंकि सुबह नलों और टंकियों में पानी की आपूर्ति ठप हो गई। उपभोक्ता रातभर उपकेंद्र के बाहर बिजली बहाली की विधिक आस में घंटों कतार लगाए खड़े रहे।
| ⚠️ उपभोक्ताओं द्वारा लगाए गए संगीन आरोप | 🏛️ मध्यांचल विद्युत निगम से विधिक मांग |
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• भीतर से ताला बंदी: शिकायत निवारण पटल पर बैठने के बजाय कर्मचारी कमरा बंद कर सोते मिले। • उदासीन व्यवहार: पूर्व में भी सीयूजी फोन न उठाने और टालमटोल करने की विसंगति प्रकाश में आई है। • मैनपावर की शिथिलता: रात के समय ब्रेकडाउन दुरुस्त करने वाली गैंग मौके पर सक्रिय नहीं थी। |
• दोषी कर्मियों पर विधिक निलंबन: क्षेत्रवासियों ने अधिशासी अभियंता (XEN) से विभागीय जांच की मांग की है। • वैकल्पिक फीडर व्यवस्था: मुख्य ट्रांसफार्मर जलने की स्थिति में अन्य सब-स्टेशनों से लोड ट्रांसफर करने का विधिक रोडमैप बनाने की मांग। |
चिलौली क्षेत्र के स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने इस घोर लापरवाही पर कड़ा विधिक ऐतराज जताया है। उपभोक्ताओं का एक ही सुलगता हुआ सवाल है कि जब शासन द्वारा भीषण गर्मी में २४ घंटे निर्बाध बिजली देने और टोल-फ्री जनसुनवाई पटल सक्रिय रखने के कड़े आदेश हैं, तो स्थानीय स्तर पर तैनात ऑपरेटर और लाइनमैन किस विधिक अधिकार के तहत मुख्य द्वार पर ताला लगाकर सो रहे थे? इस उदासीनता के कारण रात के समय कोई बड़ा तकनीकी हादसा या शॉर्ट सर्किट होने पर जान-माल की भारी विसंगति उत्पन्न हो सकती थी।
"बुद्धेश्वर और काकोरी अंचल के अंतर्गत चिलौली सब-स्टेशन की यह लापरवाही अक्षम्य है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों के किसान और कामकाजी नागरिक पहले ही उमस से परेशान हैं, उस पर बिजली विभाग के संविदा व नियमित कर्मियों का यह अमानवीय कृत्य बेहद निंदनीय है। इस पूरे प्रकरण की साक्ष्य सहित लिखित आख्या मुख्य अभियंता (मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड) तथा जिला कलेक्ट्रेट जनसुनवाई सेल को प्रेषित की जा रही है, ताकि ड्यूटी के समय सोने और जनता का फोन न उठाने वाले दोषियों के विरुद्ध विभागीय अनुशासनात्मक विधिक कार्रवाई तुरंत अमल में लाई जा सके।" — स्थानीय नागरिक उपभोक्ता फोरम
काकोरी के प्रबुद्ध सामाजिक संगठनों और व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने चेताया है कि यदि आगामी ४८ घंटों के भीतर चिलौली पावर हाउस के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ नहीं किया गया और लापरवाह कर्मचारियों के पटल नहीं बदले गए, तो क्षेत्रीय जनता अधिशासी अभियंता कार्यालय के सम्मुख विधिक रूप से धरने पर बैठने को बाध्य होगी। समाचार लिखे जाने तक, उच्चाधिकारियों के दखल के बाद सुबह के समय ट्रांसफार्मर की मरम्मत का कार्य आंशिक रूप से शुरू कर दिया गया है। कलेक्ट्रेट जनसूचना विंग ने भी उपभोक्ताओं से विधिक अपील की है कि वे किसी भी सब-स्टेशन पर ताला बंदी या दुर्व्यवहार की वीडियो रिकॉर्डिंग सीधे विभागीय विजिलेंस व्हाट्सएप नंबर पर प्रेषित करें।
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