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लखनऊ महा-ब्रेकिंग: सीएम योगी का बड़ा एक्शन; भीषण गर्मी में यूपी को...

 

⚡ विद्युत आपूर्ति महा-समीक्षा / मुख्यमंत्री कड़े निर्देश
✍️ स्टेट ब्यूरो हेड: योगेंद्र सिंह यादव, उत्तर प्रदेश
📅 लखनऊ | 24 मई, 2026
🌐 सच की आवाज वेब न्यूज — ऊर्जा विभाग व डिस्कॉम विशेष: ट्रांसमिशन नेटवर्क के आधुनिकीकरण का खाका तैयार, ऊर्जा मंत्री खुद करेंगे हेल्पलाइन कॉल सेंटरों का रीयल-टाइम भौतिक निरीक्षण

खनऊ। उत्तर प्रदेश की विद्युत अवसंरचना को सुदृढ़ बनाने, भीषण गर्मी के इस सत्र में रिकॉर्ड तोड़ बिजली मांग का पारदर्शी प्रबंधन करने तथा उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु राज्य सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। राजधानी लखनऊ स्थित मुख्य प्रशासनिक पटल पर आज **मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी** ने ऊर्जा विभाग, पावर कॉरपोरेशन एवं सभी डिस्कॉम (Discoms) के आला अधिकारियों व प्रबंध निदेशकों के साथ एक अत्यंत महत्वपूर्ण हाई-प्रोफाइल समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री जी ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया कि ग्रामीण व शहरी दोनों ही क्षेत्रों में रोस्टर के अनुसार शत-प्रतिशत बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और तकनीकी विसंगतियों को तत्काल दूर कर कलेक्ट्रेट से लेकर पावर ग्रिड स्तर तक पूरी पारदर्शिता का समावेशन किया जाए।

📌 फीडर वाइज मॉनिटरिंग से कसा शिकंजा; ट्रांसफॉर्मर फुंकने पर तय होगी जिम्मेदारी:

भीषण लू और बढ़ती डिमांड के बीच मुख्यमंत्री जी ने ट्रांसमिशन नेटवर्क को अधिक आधुनिक, भरोसेमंद और मजबूत बनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कड़े निर्देश दिए कि सूबे की सभी विद्युत उत्पादन इकाइयां अपनी पूर्ण स्थापित क्षमता (Full Capacity) के साथ संचालित हों और उनके दैनिक संचालन की रीयल-टाइम डिजिटल मॉनिटरिंग की जाए। सीएम योगी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि ट्रांसफॉर्मर क्षतिग्रस्त होने, फीडर ट्रिपिंग की विसंगति होने या जनशिकायतों के निस्तारण में यदि किसी भी स्तर पर लालफीताशाही या ढिलाई उजागर हुई, तो संबंधित नोडल अभियंताओं के विरुद्ध सीधे निलंबन व दंडात्मक विधिक कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।

📜 बिजली ग्रिड सुधार एवं उपभोक्ता सेवा विलेख चार्ट:
📊 उत्पादन, ग्रिड व सर्विलांस सुधार 📞 उपभोक्ता सेवा एवं पारदर्शी संवाद ग्रिड
शत-प्रतिशत उत्पादन: राज्य की सभी थर्मल व हाइड्रो उत्पादन इकाइयों को पूरी क्षमता से चलाने के निर्देश।
फीडर वाइज कमान: प्रत्येक फीडर के लिए स्थानीय अवर अभियंता (JE) की जवाबदेही तय, पेंडेंसी पर रोक।
आधुनिकीकरण: जर्जर तारों व ओवरलोडेड ट्रांसफॉर्मरों का तत्काल चिन्हांकन व त्वरित प्रतिस्थापन।
सटीक जानकारी: शटडाउन या ब्रेकडाउन होने पर उपभोक्ताओं को समयबद्ध व सही विलेख सूचना देना अनिवार्य।
हेल्पलाइन का भौतिक सत्यापन: ऊर्जा मंत्री व ऊर्जा राज्य मंत्री स्वयं कॉल सेंटरों का औचक भौतिक निरीक्षण करेंगे।
संवेदनशीलता सर्वोपरि: उपभोक्ताओं की कॉल्स पर त्वरित रिस्पॉन्स देकर उनकी विसंगतियों का क्लोजर किया जाए।
🛡️ संवादहीनता स्वीकार्य नहीं, उपभोक्ताओं का विश्वास जीतना ही सुशासन का पैमाना:

मुख्यमंत्री जी ने बैठक के मुख्य पटल से अधिकारियों को नसीहत दी कि बिजली आपूर्ति से जुड़ी किसी भी समस्या के समय आम जनता से सीधा, मर्यादित और पारदर्शी संवाद स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि सही जानकारी समय पर मिलने से उपभोक्ताओं का तंत्र के प्रति विश्वास सुदृढ़ होता है और विसंगतिपूर्ण अफवाहों पर अंकुश लगता है। उपभोक्ता सेवाओं को पूरी तरह तकनीक आधारित (Tech-driven) बनाने हेतु बिलिंग प्रणाली, स्मार्ट मीटर सर्विलांस और टोल-फ्री हेल्पलाइन प्रणालियों को पूरी तरह अपग्रेड करने के कड़े नोडल निर्देश डिस्कॉम को जारी किए गए हैं।

प्रदेशवासियों को बेहतर एवं निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है

"भीषण गर्मी की इस चुनौती के बीच राज्य के २५ करोड़ नागरिकों को राहत पहुँचाना हमारी प्रशासनिक व्यवस्था की परीक्षा है। सभी डिस्कॉम आपस में पूर्ण समन्वय (Coordination) स्थापित कर ग्रिड स्थिरता बनाए रखें। शटडाउन केवल अत्यंत अपरिहार्य परिस्थितियों में ही लिया जाए और उसकी पूर्व सूचना विलेख पटल पर सार्वजनिक की जाए। ऊर्जा मंत्री स्वयं कंट्रोल रूम व्यवस्थाओं की सतत निगरानी करें। सुशासन राज में जनता को बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान करने वाले किसी भी स्तर के दफ्तरशाह या अधिकारी की शिथिलता अक्षम्य विसंगति मानी जाएगी और उनके खिलाफ सीधे विधिक व विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।" — मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

लखनऊ कलेक्ट्रेट सचिवालय, शक्ति भवन, लेसा (LESA) प्रभाग, पूर्वांचल, पश्चिमांचल, मध्यांचल व दक्षिणांचल डिस्कॉम के मुख्य प्रशासनिक कार्यालयों, औद्योगिक व्यापार मंडलों, कृषक यूनियनों और आम प्रबुद्ध नागरिकों ने मुख्यमंत्री जी द्वारा स्वयं धरातल पर बिजली संकट के निवारण हेतु कड़ा सर्विलांस चाबुक चलाने के इस सुशासनात्मक कदम की खुले दिल से सराहना की है। ऊर्जा विभाग नोडल कमान ने पुनः समस्त सम्मानित उपभोक्ताओं से विधिक व विनम्र अपील की है कि वे इस भीषण गर्मी के काल में बिजली का विवेकपूर्ण उपयोग करें, कटियामारी जैसी विसंगतियों से दूर रहें तथा परिसर में लोडिंग ओवरलोड होने पर अपने विलेख को ऑनलाइन पटल पर अपडेट कराएं। किसी भी प्रकार की स्थानीय खराबी या बिजली चोरी की गुप्त सूचना तत्काल ऊर्जा विभाग की केंद्रीय हेल्पलाइन '१९१२' पर दर्ज कराएं, ताकि आपसी समन्वय से निर्बाध बिजली का सुशासन स्थापित रहे।

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📈 पारदर्शी सुशासन, सुदृढ़ अवसंरचना कीर्तिमान — विभागीय विसंगतियों का समूल नाश, विद्युत ग्रिडों की सतत सर्विलांस निगरानी और जन-जन के विधिक व बुनियादी अधिकारों के संरक्षण के महा-संकल्प के साथ सदैव समर्पित 'सच की आवाज'।

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