शाहजहाँपुर। जनसामान्य की विसंगतियों और विधिक शिकायतों का पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता तथा समयबद्ध तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करने हेतु जिला पुलिस कमान ने एक अभूतपूर्व एवं अत्यंत कल्याणकारी विधिक महा-अभियान का शंखनाद किया है। पुलिस अधीक्षक **श्री सौरभ दीक्षित** के कुशल निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक नगर व ग्रामीण के विधिक पर्यवेक्षण में जनपद में एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (**IGRS**) के माध्यम से प्राप्त पत्रावलियों के धरातलीय निस्तारण हेतु विशेष विजन लागू किया गया है। इस महा-अभियान को पूरी तरह परिणामोन्मुख बनाने के लिए **श्रीमान अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण)** को मुख्य नोडल अधिकारी नामित किया गया है, जिनके विधिक सर्विलांस के तहत पूरी पुलिस विंग धरातल पर सक्रिय हो गई है।
इस विशेष विधिक अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि अब शिकायतकर्ताओं को अपनी विसंगतियों के निवारण हेतु बार-बार थानों, कलेक्ट्रेट या उच्चाधिकारियों के पुलिस कार्यालय (एसपी ऑफिस) आने की कतई विधिक आवश्यकता नहीं पड़ेगी। शाहजहाँपुर पुलिस की विशेष विंग स्वयं पीड़ित के घर मौके पर जाकर स्थलीय विधिक निरीक्षण कर रही है तथा विवाद से जुड़े दोनों पक्षों को आमने-सामने बिठाकर, उनका निष्पक्ष फीडबैक दर्ज कर मौके पर ही वैधानिक व संतुष्टिपूर्ण समाधान सुनिश्चित करा रही है।
| 📊 पुलिस अधिकारियों हेतु तय दैनिक विधिक कोटा | ⏱️ प्रथम दिवस का सफल विधिक निस्तारण रिकॉर्ड |
|---|---|
|
• सर्किल क्षेत्राधिकारी (CO): अपने सर्किल के अंतर्गत प्रतिदिन कम से कम **०१ स्थान** पर स्वयं मौके पर जाकर शिकायतों का विधिक निस्तारण करेंगे। • थाना प्रभारी (SO/Inspector): अपने-अपने थाना क्षेत्रों में प्रतिदिन कम से कम **०२ स्थानों** पर स्थलीय निरीक्षण कर जनता की विसंगतियां दूर करेंगे। |
• कुल २१ विधिक निस्तारण: दिनांक २२-०५-२०२६ को चलाए गए सघन अभियान के तहत जनपद के समस्त थानों पर लंबित शिकायतों में से **कुल 21 शिकायतों का मौके पर ही सफल निस्तारण** पटल पर दर्ज किया गया। • फीडबैक रजिस्टर: निस्तारण के उपरांत दोनों पक्षों की विधिक लिखित संतुष्टि आख्या कलेक्ट्रेट आईजीआरएस सेल को प्रेषित की गई। |
पुलिस ऑफिस से प्राप्त पत्रावली विवरण के अनुसार, इस अभियान के तहत मुख्य रूप से पारिवारिक विवादों, पड़ोसियों के आपसी मनमुटाव और राजस्व पटल से जुड़े आंशिक भूमि विवादों को प्राथमिकता दी जा रही है। जब राजपत्रित अधिकारी स्वयं गांव की चौपाल या पीड़ित के दरवाजे पर खड़े होकर विधिक सुनवाई करते हैं, तो बिचौलिया संस्कृति और टालमटोल की गुंजाइश पूरी तरह समाप्त हो जाती है। नोडल अधिकारी/अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) द्वारा दैनिक आधार पर सभी सर्किलों की प्रगति रिपोर्ट का कड़ा विधिक मूल्यांकन किया जा रहा है।
"आईजीआरएस पटल पर प्राप्त होने वाली जनशिकायतों का केवल विधिक समय-सीमा में निपटारा करना हमारा उद्देश्य नहीं है, बल्कि पीड़ित नागरिक का वास्तविक रूप से संतुष्ट होना अनिवार्य है। 'पुलिस आपके द्वार' का यह विशेष अभियान कड़े विधिक सुशासन का एक जीवंत उदाहरण है। यदि किसी क्षेत्राधिकारी या थाना प्रभारी ने बिना मौके पर जाए फर्जी या कागजी आख्या रिपोर्ट पटल पर अपलोड की, तो इसे विधिक विसंगति मानते हुए संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। हमारा विज़न है कि गरीब से गरीब व्यक्ति को भी कलेक्ट्रेट सुशासन के तहत पारदर्शी और त्वरित न्याय मिले।" — पुलिस अधीक्षक श्री सौरभ दीक्षित
जनपद शाहजहाँपुर के सदर, तिलहर, पुवायाँ और जलालाबाद सर्किलों के सम्मानित प्रबुद्ध नागरिकों, स्थानीय व्यापार मंडलों और प्रगतिशील कृषकों ने पुलिस कप्तान के इस क्रांतिकारी, पारदर्शी और संवेदनशीलता से परिपूर्ण विधिक कदम का खड़े होकर स्वागत किया है। ग्रामीण जनप्रतिनिधियों का मानना है कि इस विधिक व्यवस्था से थानों में दलालों की सक्रियता पर पूर्ण विराम लगेगा। कलेक्ट्रेट जनसुनवाई पटल और पुलिस ऑफिस ने पुनः जनपद की समस्त सम्मानित जनता से विधिक अपील की है कि वे अपनी विसंगतियों को सीधे मुख्यमंत्री पोर्टल या आईजीआरएस (IGRS) पर दर्ज कराएं और मौके पर आने वाले नोडल अधिकारियों को केवल सत्य और प्रामाणिक विधिक जानकारी देकर पारदर्शी न्याय प्रणाली की स्थापना में सहयोग करें।
"जनता के हक की आवाज, हर समय - सच की आवाज वेब न्यूज"
Sach Ki Awaz Web News एक स्वतंत्र और विश्वसनीय डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो निष्पक्ष, सटीक और तेज़ खबरें पाठकों तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा उद्देश्य समाज से जुड़े हर महत्वपूर्ण मुद्दे को बिना किसी पक्षपात के उजागर करना और जनता की आवाज़ को मजबूती से प्रस्तुत करना है। हमारी टीम जमीनी स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक की खबरों को सत्यापन के साथ प्रकाशित करती है, ताकि आपको मिले भरोसेमंद और प्रभावशाली जानकारी—सबसे पहले।
0 Comments