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शाहजहाँपुर: खसरा-रूबेला और जानलेवा गलघोंटू के बढ़ते मामलों पर...

 

📢 राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन / मुख्य चिकित्सा अधिकारी कमान चेतावनी
✍️ स्टेट ब्यूरो हेड: योगेंद्र सिंह यादव, उत्तर प्रदेश
📅 शाहजहाँपुर | 22 मई, 2026
🌐 सच की आवाज वेब न्यूज — कलेक्ट्रेट स्वास्थ्य अनुभाग विशेष: एक ही परिवार के ४ बच्चों का टीकाकरण छूटने से स्वास्थ्य महकमा अलर्ट, ७ बार का विधिक सुरक्षा कवच अपनाएं

शाहजहाँपुर। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के विधिक समावेशन तथा जनपद के सुदूर अंचलों में संक्रामक वायरसों के पूर्ण दमन हेतु मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय ने कड़ा जनहितकारी सर्विलांस लागू कर दिया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी शाहजहाँपुर ने कलेक्ट्रेट जनसुनवाई पटल के माध्यम से अवगत कराया है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष जनपद में अचानक खसरा (मीजल्स) बीमारी के मरीजों की सांख्यिकी में विसंगतिपूर्ण वृद्धि दर्ज की गई है। इस वृद्धि का मुख्य प्रशासनिक व धरातलीय कारण कुछ ग्रामीण व शहरी अंचलों के झिझक वाले परिवारों द्वारा समय से बच्चों को टीका न लगवाना पाया गया है। हाल ही में एक ही परिवार के ४ बच्चों का एमआर (MR) टीकाकरण छूटने का गंभीर मामला पटल पर आने के बाद स्वास्थ्य कमान ने विशेष टीकाकरण अभियान को और तेज कर दिया है।

🦠 खसरा, रूबेला और गलघोंटू (डिप्थीरिया) के लक्षण एवं विधिक चिकित्सा उपचार:

खसरा (Measles): किसी भी उम्र के बच्चे या वयस्क में यदि तेज बुखार के साथ शरीर पर लाल दाने या लाल चकत्ते दिखाई दें, तो इसे विधिक रूप से खसरा मानकर तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। इसकी विधिक जांच व पूर्ण इलाज सरकारी अस्पतालों में बिल्कुल मुफ्त (नि:शुल्क) उपलब्ध है।
रूबेला (Rubella): यदि किसी गर्भवती महिला को रूबेला वायरस का संक्रमण हो जाए, तो गर्भस्थ शिशु में 'जन्मजात रूबेला सिंड्रोम' हो जाता है। इससे जन्म लेने वाले नवजात शिशु का मानसिक व शारीरिक विकास अवरुद्ध हो जाता है।
गलघोंटू (Diphtheria): यदि किसी बच्चे के गले में तेज दर्द, सूजन के साथ टॉन्सिल पटल पर सफेद झिल्ली दिखाई दे, तो यह खतरनाक गलघोंटू रोग है। इसमें समय पर विधिक इलाज न मिलने से सांस नली अवरुद्ध होने के कारण शिशु की मृत्यु की संभावना अत्यधिक बढ़ जाती है।

📜 भारत सरकार राष्ट्रीय प्रतिरक्षण सारणी (National Immunization Schedule):
👶 लक्षित शिशु आयु वर्ग (Age Group) 💉 अनिवार्य विधिक टीका (Vaccine Dose Record)
01 वर्ष से कम उम्र के शिशु:
16 से 24 माह (१.५ से २ वर्ष):
05 से 06 वर्ष के नौनिहाल:
10 वर्ष एवं 16 वर्ष के किशोर:
05 वर्ष तक के समस्त बच्चे:
• **०३ पेंटावेलेंट वैक्सीन (Pentavalent)** (गलघोंटू से बचाव का मुख्य कवच)
• **डीपीटी बूस्टर (DPT Booster) की प्रथम डोज**
• **डीपीटी बूस्टर (DPT Booster) की द्वितीय डोज**
• **टीडी (TD) वैक्सीन** की विधिक प्रविष्टि
• **०२ डोज मीजल्स-रूबेला (MR Vaccine)** अनिवार्य रूप से।
🛡️ गलघोंटू निवारण हेतु 'सात बार टीका' नियम का कड़ाई से पालन करें अभिभावक:

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने विस्तृत विधिक प्रक्षेप्य जारी करते हुए बताया कि खसरा, रूबेला और गलघोंटू पूरी तरह से वायरस और बैक्टीरिया जनित ड्रॉपलेट रोग हैं, जो बच्चों में एक से दूसरे में अत्यधिक तीव्र गति से फैलते हैं। कलेक्ट्रेट स्वास्थ्य विंग की रिपोर्ट के अनुसार, यदि किसी बच्चे को निर्धारित समय सारणी के भीतर **कुल ७ बार (सात बार)** विभिन्न जानलेवा बीमारियों के सुरक्षात्मक टीके लग जाते हैं, तो उसे डिप्थीरिया और खसरे जैसी जानलेवा विसंगतियों से शत-प्रतिशत विधिक जीवनदान प्राप्त हो जाता है।

टीका पूर्णतः प्रमाणित और सुरक्षित है; अफवाह फैलाने वालों पर होगी विधिक कार्रवाई

"जनपद शाहजहाँपुर के प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और जिला पुरुष व महिला चिकित्सालय पटल पर ये सभी जीवनरक्षक टीके पूर्ण रूप से निःशुल्क उपलब्ध कराए गए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा प्रमाणित यह टीका पूर्णतः सुरक्षित है। टीकाकरण के उपरांत बच्चों को हल्का बुखार आना या त्वचा पर आंशिक चकत्ते आना एक सामान्य जैविक प्रक्रिया है, जो यह दर्शाती है कि एंटीबॉडी काम कर रही है। सोशल मीडिया या अंचल में फैलाई जाने वाली किसी भी प्रकार की भ्रामक व विसंगतिपूर्ण अफवाहों पर विश्वास न करें। अपने नौनिहालों के स्वस्थ व सुरक्षित भविष्य के लिए कलेक्ट्रेट स्वास्थ्य मिशन के साथ सहयोग कर शत-प्रतिशत प्रतिरक्षण आवरण अपनाएं।" — मुख्य चिकित्सा अधिकारी

सदर, तिलहर, पुवायाँ, जलालाबाद, रौजा और कलान अंचल के स्थानीय सम्मानित सामाजिक संगठनों, प्रबुद्ध नागरिक यूनियनों और ग्रामीण आशा व एएनएम (ANM) कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा समय रहते झिझक वाले परिवारों की काउंसिलिंग करने और टीकाकरण का कड़ा विधिक खाका तैयार करने के इस कदम की भूरि-भूरि प्रशंसा की है। स्वास्थ्य सूचना पटल ने पुनः जनपद के समस्त सम्मानित प्रबुद्ध अभिभावकों से विधिक अपील की है कि वे अपने क्षेत्र की एएनएम या निकटतम सरकारी अस्पताल पटल से संपर्क कर अपने बच्चों के छूटे हुए डोज़ तुरंत लगवाएं तथा किसी भी आपातकालीन महामारी या रोग के लक्षण दिखने पर तत्काल स्वास्थ्य विभाग के नोडल टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर पर प्रविष्टि दर्ज कराएं।

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🛡️ सुरक्षित बचपन, स्वस्थ शाहजहाँपुर — संक्रामक बीमारियों का पूर्ण विधिक उन्मूलन, शत-प्रतिशत मुफ्त टीकाकरण कवरेज और जन-जन के अभेद्य स्वास्थ्य संरक्षण के विधिक संकल्प के साथ सदैव तत्पर जिला प्रशासन।

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