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गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 'जनता दर्शन': विभिन्न जनपदों से...

 

🚩 जनसुनवाई महा-अभियान / सुशासन एवं सशक्त समाधान
✍️ स्टेट ब्यूरो हेड: योगेंद्र सिंह यादव, उत्तर प्रदेश
📅 गोरखपुर | 22 मई, 2026
🌐 सच की आवाज वेब न्यूज — गोरखपुर विशेष कवरेज: "हमारी सरकार, आपके द्वार" — कलेक्टोरेट और पुलिस कमान को पटल से सीधे मुख्यमंत्री का कड़ा अल्टीमेटम

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जनसामान्य की शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण, पीड़ित नागरिकों को त्वरित विधिक न्याय दिलाने और नौकरशाही में शत-प्रतिशत पारदर्शिता बहाल करने का महा-संकल्प धरातल पर निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है। जनकल्याण के लिए दृढ़ संकल्पित सूबे के यशस्वी **मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी** ने आज पवित्र गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित भव्य **"जनता दर्शन"** कार्यक्रम में सूबे के विभिन्न सुदूर जनपदों से आए सैकड़ों नागरिकों की विसंगतियां और गंभीर विधिक समस्याएं अत्यंत आत्मीयता के साथ सुनीं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मौके पर उपस्थित कलेक्ट्रेट पटल और पुलिस कमान के नोडल अधिकारियों को प्रत्येक जनसमस्या का त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी विधिक निस्तारण सुनिश्चित करने का कड़ा निर्देश जारी किया।

📜 समर्पित शासन, सशक्त समाधान — आमजन की पीड़ा दूर करना ही सर्वोच्च प्राथमिकता:

जनता दर्शन के दौरान राज्य के कोने-कोने (सहित पूर्वांचल, अवध व पश्चिमी यूपी अंचल) से आए फरियादियों ने सीधे मुख्यमंत्री के सम्मुख अपनी विधिक पत्रावलियां प्रस्तुत कीं। राजस्व भूमि विवाद, पुलिसिया टालमटोल, कलेक्ट्रेट जनसुनवाई से जुड़े लंबित विधिक मामलों और असाध्य रोगों के विधिक चिकित्सा इस्टीमेट फंड से संबंधित आवेदनों पर मुख्यमंत्री ने स्वयं संज्ञान लिया। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को सचेत किया कि जनता को अपनी विधिक शिकायतों के निवारण हेतु कलेक्ट्रेट या थानों के चक्कर न काटने पड़ें, इसे प्रत्येक स्तर पर सुनिश्चित किया जाए।

📋 जनता दर्शन महा-अभियान के विधिक मार्गनिर्देश एवं प्रशासनिक समय-सीमा:
📊 मुख्यमंत्री के प्रमुख विधिक एवं प्रशासनिक निर्देश ⏱️ आईजीआरएस (IGRS) एवं कलेक्ट्रेट कमान हेतु समय-सीमा
भ्रष्टाचार पर कड़ा रुख: किसी भी विभाग में पीड़ित का उत्पीड़न या टालमटोल विधिक रूप से असहनीय होगी।
राजस्व-पुलिस संयुक्त टीम: भूमि विवादों के स्थाई विधिक निस्तारण हेतु थानों और तहसीलों का संयुक्त रूट सर्विलांस।
चिकित्सा सहायता फंड: गंभीर बीमारियों से पीड़ित नागरिकों की फाइलों को प्राथमिकता देकर कलेक्ट्रेट से तुरंत इस्टीमेट शासन को भेजने के निर्देश।
त्वरित निस्तारण समय-सीमा: जनता दर्शन में प्राप्त सभी विधिक पत्रावलियों की ऑनलाइन प्रविष्टि कर संबंधित जिला मजिस्ट्रेटों (DM) को समयबद्ध रिपोर्ट प्रस्तुत करने का विधिक अल्टीमेटम।
पारदर्शिता जांच: निस्तारित की गई शिकायतों का कलेक्ट्रेट जनसुनवाई सेल द्वारा सीधे शिकायतकर्ता को फोन कर विधिक फीडबैक लिया जाएगा।
🌾 सुदूर जनपदों के पीड़ितों को मिली तात्कालिक विधिक राहत, मुख्यमंत्री ने ढांढस बंधाया:

आज सुबह से ही गोरखनाथ मंदिर के हिंदू सेवाश्रम पटल पर भारी संख्या में प्रबुद्ध नागरिक, महिलाएं और कृषक एकत्र हुए थे। मुख्यमंत्री जी ने एक-एक फरियादी के पास जाकर स्वयं उनका विधिक प्रार्थना पत्र कस्टडी में लिया और उनके विधिक अधिकारों की रक्षा का भावुक आश्वासन दिया। बच्चों संग आई महिलाओं से संवाद करते हुए उन्होंने बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों को नोडल कमान सौंपी। मुख्यमंत्री ने कड़े लहजे में कहा कि शासन की कल्याणकारी विधिक योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुँचना ही 'रामराज्य' की वास्तविक परिकल्पना है।

जनता की समस्या को लंबित रखना लोकसेवकों का अक्षम्य विधिक अपराध माना जाएगा

"हमारी सरकार सूबे के २४ करोड़ सम्मानित नागरिकों के विधिक कल्याण और उनके सशक्त समाधान हेतु पूर्णतः कटिबद्ध है। जिला स्तर पर कलेक्ट्रेट, तहसील और थानों में बैठने वाले लोकसेवक यह विधिक रूप से सुनिश्चित करें कि कोई भी पीड़ित परेशान होकर राजधानी या मंदिर पटल तक आने को विवश न हो। जनसुनवाई में की गई किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही विधिक रूप से अक्षम्य होगी। जनता की विधिक समस्याओं का त्वरित और पारदर्शी निस्तारण ही प्रशासनिक सुशासन का मूल स्तंभ है और इसमें कोताही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कठोर विभागीय दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।" — मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

इस दौरान कलेक्ट्रेट और कमिश्नरेट अंचल के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, खेल विभाग, सिंचाई विभाग और स्थानीय पुलिस कमान के विशेष विंग नोडल प्रभारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री के इस कड़े व व्यावहारिक विधिक रुख से प्रबुद्ध नागरिकों और स्थानीय कृषकों में अटूट विश्वास का वातावरण सुदृढ़ हुआ है। कलेक्ट्रेट जनसूचना विंग उत्तर प्रदेश ने भी राज्य के समस्त प्रबुद्ध नागरिकों से विधिक अपील की है कि वे अपनी किसी भी समस्या को सीधे आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल अथवा कलेक्ट्रेट जनसुनवाई पटल पर दर्ज कराएं, जहां शासन के सीधे सर्विलांस के तहत त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

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📈 समर्पित शासन, सुदृढ़ कीर्तिमान — कड़े प्रशासनिक सर्विलांस, आधुनिक जनसुनवाई समावेशन और पारदर्शी सुशासन के बल पर उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाता शासन।

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