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आउटसोर्सिंग कर्मियों के हक पर सीएम योगी का...

💼 यूपीकॉस कमान / आउटसोर्सिंग सुशासन विलेख
✍️ कमान ब्यूरो: योगेंद्र सिंह यादव, स्टेट ब्यूरो हेड, उत्तर प्रदेश
📅 लखनऊ/शाहजहाँपुर | 09 जून, 2026
🌐 सच की आवाज वेब न्यूज — कर्मचारी हित कलेक्टिव बुलेटिन: यूपीकॉस (UPCOS) की समीक्षा में मुख्यमंत्री का कड़ा विन्यास, नियुक्ति से लेकर सत्यापन तक सब कुछ होगा केंद्रीकृत और लाइव

खनऊ। उत्तर प्रदेश में आउटसोर्सिंग व्यवस्था के अंतर्गत कार्यरत लाखों कर्मचारियों के हितों के संरक्षण और बिचौलियों के परमानेंट सफाए के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज एक बड़ा कड़ा कमान निर्णय लिया है। आज मंगलवार दिनांक ०९ जून २०२६ को मुख्यमंत्री जी द्वारा 'उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम' (UPCOS) की कार्यप्रणाली एवं प्रगति की उच्चस्तरीय कलेक्टिव समीक्षा बैठक की गई। बैठक में मुख्यमंत्री जी ने स्पष्ट विलेख जारी किया कि आउटसोर्सिंग व्यवस्था में दक्षता, पारदर्शिता और पूर्ण जवाबदेही सुनिश्चित की जाए, ताकि शोषितों-वंचितों के अधिकारों का कोई हनन न कर सके और सरकारी विभागों को भी सुव्यवस्थित मानव संसाधन (Manpower) उपलब्ध हो सके।

विलेख के आधिकारिक प्रशासनिक विवरण के अनुसार, मुख्यमंत्री जी ने आउटसोर्स कर्मियों के शोषण को परमानेंट रोकने हेतु तकनीक आधारित अभेद्य चक्रव्यूह तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आउटसोर्स कर्मियों से संबंधित **एकीकृत ऑनलाइन कलेक्टिव पोर्टल** के विकास कार्यों को अत्यंत समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने का कड़ा अल्टीमेटम दिया है। इस नए डिजिटल कमान विन्यास के लागू होने के बाद प्रदेश के समस्त विभागों में आउटसोर्सिंग नियुक्तियां, कस्टडी सत्यापन, भुगतान अनुश्रवण तथा अन्य सभी महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं पूरी तरह से केंद्रीकृत और लाइव संचालित की जाएंगी, जिससे पूरी व्यवस्था सरल और पारदर्शी बनेगी।

📜 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के कड़े नीतिगत कमान निर्देश:

• 🌐 एकीकृत कलेक्टिव पोर्टल विन्यास: आउटसोर्सिंग के माध्यम से होने वाली हर भर्ती, जॉइनिंग और डेटा वेरिफिकेशन अब केवल एक ही सिंगल-विंडो ऑनलाइन पोर्टल के अधीन होगी।
• 🚫 शोषक एजेंसियों पर कड़ा हंटर: आउटसोर्सिंग कंपनियों और एजेंसियों के चयन के मानकों को अत्यंत कड़ा, मानकीकृत और पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। मनमानी करने वाली व वेतन दबाने वाली एजेंसियों को परमानेंट बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।
• 🤝 एक समान सुव्यवस्थित प्रणाली: उत्तर प्रदेश के सभी सरकारी विभागों, निगमों और स्वायत्तशासी संस्थाओं के लिए एक समान और पारदर्शी आउटसोर्सिंग नियमावली को शीघ्र अंतिम रूप देकर परमानेंट लागू किया जाएगा।

📊 उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) समीक्षा कमान सूचकांक:
💻 डिजिटल कलेक्टिव विन्यास एवं पोर्टल 🎯 कमान नीति, मानक एवं सुरक्षा विलेख
• 🌐 मुख्य विन्यास: एकीकृत ऑनलाइन पोर्टल का विकास।
• 🔍 केंद्रीकृत संचालन: नियुक्ति, लाइव सत्यापन एवं अनुश्रवण।
• 🛠️ कोर फोकस: तकनीक आधारित, सरल और पारदर्शी व्यवस्था।
• 👤 शीर्ष कमान मार्गदर्शक: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी।
• 🏢 नोडल निगम: उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS)।
• 🛡️ एजेंसी कस्टडी नीति: चयन हेतु नए स्पष्ट, मानकीकृत और कड़े पारदर्शी मानक।
🎖️ 'सच की आवाज' कड़क सुशासन एवं कर्मचारी हित नीति समीक्षा विलेख:

"आउटसोर्सिंग व्यवस्था लंबे समय से निजी ठेकेदारों और भ्रष्ट बिचौलियों के चंगुल में फंसी रही है, जहाँ कर्मचारियों का वित्तीय व मानसिक शोषण एक आम बात थी। ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा यूपीकॉस (UPCOS) की कमान अपने हाथ में लेकर 'तकनीक आधारित और कर्मचारी हितैषी' केंद्रीकृत डिजिटल विलेख तैयार करने का कड़ा निर्देश देना एक क्रांतिकारी कदम है। नियुक्तियों और पे-रोल को सीधे ऑनलाइन पोर्टल से जोड़ देने से भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी पर परमानेंट ब्रेक लगेगा। 'सच की आवाज' प्रदेश के लाखों आउटसोर्स कर्मियों के जीवन में कस्टडी सुरक्षा और स्थायित्व लाने वाले इस अभेद्य कमान विन्यास का कोटि-कोटि अभिनंदन करती है।"

'सच की आवाज' वेब न्यूज के माध्यम से हमारे कमान कलेक्टिव स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव ने इस उच्चस्तरीय विलेख की कड़क पड़ताल करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री के इस कड़े विन्यास के बाद शासन स्तर पर हलचल तेज हो गई है। तैयार की जा रही नई मानकीकृत प्रणाली को शीघ्र ही अंतिम रूप देकर कैबिनेट के समक्ष परमानेंट अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किया जाएगा।

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📈 अभेद्य सुशासन, कड़ा प्रशासनिक कमान और उत्तर प्रदेश की हर कलेक्टिव व विलेखीय Ground Breaking सच्चाई आप तक पहुँचाने के लिए सदैव तत्पर 'सच की आवाज'।

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