विशेष संवाददाता लखनऊ
लखनऊ, 11 मार्च: नवाबी तहज़ीब और गंगा-जमुनी संस्कृति के लिए मशहूर लखनऊ ने एक बार फिर मिसाल कायम की है। इस बार होली और जुमे की नमाज एक ही दिन होने के बावजूद शहर में सांप्रदायिक सौहार्द्र का बेहतरीन उदाहरण देखने को मिला।शहर के मौलानाओं ने आपसी सहमति से फैसला लिया कि होली के कारण जुमे की नमाज एक घंटे देर से होगी। वहीं, व्यापारिक संगठनों और होली जुलूस आयोजकों ने भी पहल करते हुए जुलूस का समय एक घंटा पहले सुबह 11 बजे तक समाप्त करने का निर्णय लिया।
इस समन्वय से शहर में कोई तनाव नहीं रहा, बल्कि लखनऊ की मशहूर 'पहले आप' की तहज़ीब को एक बार फिर साकार होते देखा गया। प्रशासन के लिए जहां यह चुनौतीपूर्ण स्थिति हो सकती थी, वहीं लखनऊवासियों ने आपसी भाईचारे से इसे आसान बना दिया।
सांप्रदायिक सौहार्द्र की मिसाल
लखनऊ में हमेशा से ही त्यौहारों को मिल-जुलकर मनाने की परंपरा रही है। इस बार भी होली और रमज़ान के जुमे को लेकर किसी तरह की अशांति नहीं हुई। मुस्कराइए, क्योंकि लखनऊ में अब भी नफरत की राजनीति काम नहीं करती!
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