विशेष संवाददाता वाराणसी
वाराणसी में ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने स्पष्ट किया है कि उत्तर प्रदेश में बिजली विभाग का निजीकरण अब रुकने वाला नहीं है। उन्होंने 29 मई को प्रस्तावित बिजलीकर्मियों की हड़ताल और कार्य बहिष्कार पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए चेतावनी दी कि जो भी कर्मचारी हड़ताल में शामिल होंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
🔹 सरकार की तैयारी पूरी, बिजली आपूर्ति पर असर नहीं पड़ेगा
ऊर्जा मंत्री ने भरोसा दिलाया कि बिजली आपूर्ति सामान्य रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने कहा कि हड़ताल या किसी भी प्रकार के अवरोध से जनता को परेशानी न हो, इसके लिए सरकार ने व्यापक इंतजाम किए हैं।
🔹 कर्मचारियों की भावनाओं का सम्मान, लेकिन अनुशासन से समझौता नहीं
एके शर्मा ने कहा, "बिजलीकर्मियों की संवेदनाओं की कद्र है, लेकिन काम में बाधा मंजूर नहीं।" उन्होंने दोहराया कि प्रदेश की जनता को निर्बाध बिजली सेवा देना सरकार की प्राथमिकता है, और इसमें कोई भी रुकावट स्वीकार्य नहीं है।
🔹 निजीकरण से व्यवस्था होगी पारदर्शी और प्रभावी
मंत्री ने यह भी कहा कि निजीकरण से प्रदेश की बिजली व्यवस्था बेहतर, पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी। इससे उपभोक्ताओं को लाभ होगा और बिजली वितरण में तकनीकी सुधार भी संभव हो पाएंगे।
🔹 राजनीतिक दलों और यूनियनों से भी अपील
एके शर्मा ने राजनीतिक दलों और यूनियनों से भी अपील की कि वे जनहित को ध्यान में रखते हुए बातचीत के माध्यम से समाधान खोजें, न कि हड़ताल जैसे कदम उठाएं जो आम जनता के लिए परेशानी का कारण बन सकते हैं।
निष्कर्ष:
उत्तर प्रदेश में बिजली विभाग के निजीकरण को लेकर सरकार अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। मंत्री के बयान से स्पष्ट है कि प्रदेश सरकार पूरी तैयारी में है और किसी भी तरह की बाधा को सख्ती से निपटने के लिए तैयार है।
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