ब्यूरो रिपोर्ट: कल्लू उर्फ रजनीश, लखनऊ
उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए एसटीएफ ने चार अभियुक्तों को लखनऊ के गोमतीनगर के ग्वारी गांव के पास से गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, ये आरोपी एक रिटायर्ड वैज्ञानिक शुकदेव नन्दी को अपना शिकार बना चुके थे। आरोपियों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर उन्हें तीन दिन तक 'डिजिटल अरेस्ट' में रखा और इस दौरान लगभग 1.29 करोड़ रुपये की ऑनलाइन ठगी कर डाली।
शुकदेव नन्दी, जो कि भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) से सेवानिवृत्त वैज्ञानिक हैं, ने जब खुद को ठगी का शिकार पाया तो उन्होंने बरेली के साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया।
एसटीएफ की सक्रियता से गिरोह का भंडाफोड़ हुआ और अब पुलिस इनके संपर्क सूत्रों, बैंक खातों और तकनीकी उपकरणों की जांच कर रही है। इस मामले में अन्य राज्यों से भी कनेक्शन की संभावना जताई जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की घटनाओं में आम जनता को सतर्क रहने की आवश्यकता है, और किसी भी अनजान कॉल या वीडियो चैट के झांसे में न आने की अपील की है। फिलहाल सभी आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है और जल्द ही और खुलासे होने की संभावना है।
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