सहायक निदेशक मत्स्य ने बताया कि मत्स्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी एवं विकासपरक योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक मत्स्य पालकों और मछुआरों तक पहुँचाने के उद्देश्य से आवेदन की तिथि को बढ़ाकर अब 31 अगस्त, 2025 कर दिया गया है।
इससे पहले आवेदन की अंतिम तिथि 14 अगस्त 2025 निर्धारित की गई थी। लेकिन मत्स्य पालकों की मांग एवं अधिक लाभार्थियों को अवसर देने के उद्देश्य से विभाग ने समयसीमा में वृद्धि करने का निर्णय लिया है।
जिन योजनाओं में आवेदन किए जा सकते हैं:
सघन मत्स्य पालन हेतु एरेशन सिस्टम की स्थापना – मत्स्य उत्पादन बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक से जुड़ा यह सिस्टम लगवाने हेतु सहायता।
उ.प्र. मत्स्य पालक कल्याण कोष योजनाएं – मछुआरों के कल्याण एवं आजीविका संवर्धन से जुड़ी योजनाएं।
अन्तर्राज्यीय भ्रमण, दक्षता विकास एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम – मत्स्य पालकों को अन्य राज्यों के सफल मॉडलों का अनुभव देने हेतु भ्रमण।
प्रदर्शनी और सेमिनार – तकनीकी जानकारी एवं जागरूकता बढ़ाने हेतु आयोजन।
आवेदन प्रक्रिया:
सभी इच्छुक मत्स्य पालक एवं मछुआरे विभागीय पोर्टल http://fisheries.upsdc.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
योजनाओं की इकाई लागत, परियोजना विवरण, आवश्यक अभिलेखों की सूची और विस्तृत दिशा-निर्देश पोर्टल पर उपलब्ध हैं।
जो आवेदक ऑनलाइन आवेदन में कठिनाई महसूस करते हैं, वे विकास भवन स्थित मत्स्य विभाग कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस पर संपर्क कर सकते हैं।
विभाग की अपील:
सहायक निदेशक मत्स्य ने सभी पात्र मत्स्य पालकों और मछुआरों से अपील की है कि वे समय रहते आवेदन करें और योजनाओं का लाभ उठाएँ। विभाग का उद्देश्य आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षण के माध्यम से मत्स्य पालन को और अधिक लाभकारी बनाना है।
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