शाहजहाँपुर, 01 अक्टूबर 2025।
प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि किसानों की आय दोगुनी हो और वे आत्मनिर्भर बनें। परंपरागत फसलें – जैसे गेहूं, चना, मटर, सरसों, जौ, बाजरा, मक्का, ज्वार और धान – अब भी किसानों की प्रमुख पसंद हैं, लेकिन बागवानी फसलों की ओर रुझान ने किसानों की आमदनी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है।
उत्तर प्रदेश की जलवायु लगभग सभी प्रकार की बागवानी फसलों के लिए उपयुक्त है।
इन फसलों से किसान परंपरागत खेती की तुलना में कई गुना अधिक आय प्राप्त कर रहे हैं।
प्रदेश के उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा कई योजनाएँ चलाई जा रही हैं –
इन योजनाओं के माध्यम से किसानों को अनुदान, पौध, बीज, प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता प्रदान की जा रही है।
इजराइल सरकार के सहयोग से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना –
किसानों को ग्रीन हाउस, शेड नेट हाउस और हाई वैल्यू सब्ज़ियों की तकनीक से जोड़ा जा रहा है।
मशरूम, मधुमक्खी पालन, पान उत्पादन और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों से किसानों को अतिरिक्त आय और रोजगार मिल रहा है।
सरकारी सहयोग और बागवानी योजनाओं के चलते –
➡️ बागवानी खेती न केवल किसानों की आय दोगुनी करने का माध्यम बन रही है, बल्कि यह रोजगार, पोषण, निर्यात और ग्रामीण विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
Sach Ki Awaz Web News एक स्वतंत्र और विश्वसनीय डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो निष्पक्ष, सटीक और तेज़ खबरें पाठकों तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा उद्देश्य समाज से जुड़े हर महत्वपूर्ण मुद्दे को बिना किसी पक्षपात के उजागर करना और जनता की आवाज़ को मजबूती से प्रस्तुत करना है। हमारी टीम जमीनी स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक की खबरों को सत्यापन के साथ प्रकाशित करती है, ताकि आपको मिले भरोसेमंद और प्रभावशाली जानकारी—सबसे पहले।
0 Comments