शाहाबाद, हरदोई:
केंद्र और प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने और विकास कार्यों को बढ़ावा देने के लिए चलाई जाती है। लेकिन टोडरपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत पेढ़वा में इस योजना में बड़े घोटाले के आरोप सामने आए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में न तो काम हुआ और न ही मजदूरों को रोजगार मिला, जबकि कागजों पर लाखों रुपये खर्च दिखाए गए हैं।
प्रधान और सचिव पर आरोप
ग्राम पंचायत पेढ़वा की प्रधान जशोदा देवी और पंचायत सचिव पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी मजदूरों के नाम पर सरकारी धन का गबन किया। दर्जनों मजदूर ऐसे दिखाए गए जो कभी काम पर पहुँचे ही नहीं।
बताया जा रहा है कि इन फर्जी नामों से भुगतान तो हुआ, लेकिन रुपये सीधे चहेते लोगों के खातों में भेजे गए। बाद में इन खातों से प्रति मजदूर 200 से 400 रुपये देकर पूरा भुगतान निकलवा लिया गया और शेष रकम हड़प ली गई।
एक ही काम कई बार दिखाया
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि एक ही कार्य को अलग-अलग नामों से दर्शाकर कई बार सरकारी धन निकाला गया है।
➡️ ग्रामीणों ने मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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