ब्यूरो रिपोर्ट: सुधीर सिंह कुम्भाणी ✍️
सकरन (सीतापुर)। विकास खंड सकरन में संचालित धान क्रय केंद्रों पर बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। नसीरपुर गांव निवासी किसान सुधीर सिंह पुत्र महेश्वर सिंह ने आईजीआरएस के माध्यम से जिलाधिकारी को शिकायत भेजकर पूरे मामले की जांच कराए जाने की मांग की है।
आईजीआरएस संदर्भ संख्या 40015425096005 के तहत दी गई शिकायत में किसान ने आरोप लगाया है कि विकास खंड सकरन के सांडा, महाराजनगर और अरुवा नसीरपुर में संचालित बी-पैक्स लिमिटेड एवं उपभोक्ता सहकारी संघ के धान क्रय केंद्रों पर क्रय केंद्र प्रभारियों और सचिवों की मनमानी चल रही है। शिकायत के अनुसार फर्जी किसान आईडी के जरिए धान की तौल कराई जा रही है, जबकि पात्र किसान महीनों से अपनी ट्रालियां क्रय केंद्रों पर खड़ी किए हुए हैं।
किसान का आरोप है कि इन केंद्रों पर केवल दलालों और बिचौलियों का ही धान खरीदा जा रहा है। शिकायत में आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया गया है कि महाराजनगर क्रय केंद्र पर 22 दिसंबर तक 154 किसानों के नाम पर 1113.64 मीट्रिक टन धान की खरीद लगभग 26.60 करोड़ रुपये की लागत दर्शाई गई है। इसी प्रकार सांडा क्रय केंद्र पर 1177.94 मीट्रिक टन धान की खरीद करीब 2.79 करोड़ रुपये की लागत से और अरुवा नसीरपुर क्रय केंद्र पर भी 154 किसानों के नाम पर 1113.64 मीट्रिक टन धान की खरीद कागजों में दर्शाई गई है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि जिन किसानों के नाम पर धान की खरीद दिखाई गई है, उनमें से अधिकांश या तो भूमिहीन हैं या उनके पास एक-दो बीघा से अधिक भूमि नहीं है, फिर भी उनके नाम पर लाखों रुपये के धान की बिक्री दर्शाई गई है।
किसान सुधीर सिंह ने जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि वास्तविक किसानों को उनका हक मिल सके।

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