ब्यूरो रिपोर्ट: पप्पू कुमार चौहान, सीतापुर ✍️
सीतापुर/सकरन। क्षेत्र की एक ग्राम पंचायत में प्रधान और तकनीकी सहायक के बीच कथित रिश्वतखोरी एवं धन उगाही के मामले ने तूल पकड़ लिया है। वायरल साक्ष्यों के आधार पर उच्चाधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए आरोपित तकनीकी सहायक को जिला मुख्यालय से संबद्ध कर दिया है तथा पूरे मामले की जांच के लिए टीम गठित की गई है।
मंगलवार को जांच टीम ब्लॉक मुख्यालय पहुंची, जहां संबंधित प्रपत्रों की गहन जांच करते हुए कई अहम साक्ष्य एकत्र किए गए। हालांकि इसी दौरान सामने आई कुछ तस्वीरों ने पूरे मामले को और उलझा दिया है। वायरल तस्वीरों में आरोप लगाने वाले प्रधान और आरोपित तकनीकी सहायक के बीच मध्यस्थता कराने वाले व्यक्तियों की मौजूदगी ने प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्राम प्रधान पतरासा ने बातचीत में आरोप लगाया कि उन पर समझौता करने का दबाव बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि जब तक 800 से अधिक मजदूरों की एमबी (मेजरमेंट बुक) न करने, प्रति एमबी कथित वसूली और कैटल शेड निर्माण से लेकर इंटरलॉकिंग भुगतान में देरी जैसे मामलों में ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक वह किसी भी सुलह के लिए तैयार नहीं हैं।
सूत्रों के अनुसार, जांच टीम के सामने भी आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रहा, जिसके चलते कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकल सका और टीम को बिना अंतिम निर्णय के लौटना पड़ा।
अब बड़ा सवाल यह है कि जांच के बीच मध्यस्थता कर मामला रफा-दफा कराने की कोशिश करने वाले लोग कौन हैं और क्या इस तरह के मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई हो पाएगी या फिर भ्रष्टाचार पर पर्दा पड़ता रहेगा।
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