स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव उत्तर प्रदेश ✍️
शाहजहांपुर। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. विवेक शर्मा ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि एक साधारण सा शोधपरक विचार भी समाज और राष्ट्र के लिए बड़ी क्रांति ला सकता है।
डॉ. विवेक ने अपने उद्बोधन में भारतीय ज्ञान परंपरा और विज्ञान को जोड़ते हुए भारत के महान वैज्ञानिकों जैसे सर सी.वी. रमन, डॉ. होमी जहांगीर भाभा, जगदीश चंद्र बोस, श्रीनिवास रामानुजन, हरगोविंद खुराना, सुब्रमण्यम चंद्रशेखर, मेघनाथ साहा, बीरबल साहनी और सत्येंद्र नाथ बोस के योगदान को विद्यार्थियों के साथ साझा किया।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद भारत ने कई चुनौतियों का सामना किया, जैसे कुशल मानव संसाधन की कमी, औद्योगिक अवसंरचना का अभाव और आर्थिक समस्याएँ, फिर भी भारतीय वैज्ञानिकों ने अथक प्रयास से देश को वैश्विक पटल पर स्थापित किया। उन्होंने वर्तमान चुनौतियों जैसे वायु प्रदूषण, जल संरक्षण, आपदा प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन, वेस्ट मैनेजमेंट और ऊर्जा संकट पर ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया और नवीकरणीय ऊर्जा तथा स्वच्छ तकनीकी के विकास की महत्ता को रेखांकित किया।
विशिष्ट अतिथि प्रो. प्रभात शुक्ला ने विद्यार्थियों को प्रयोगों पर अधिक ध्यान देने और सिद्धांतों को समझने का मार्गदर्शन दिया। विज्ञान संकाय के अध्यक्ष डॉ. आलोक कुमार सिंह ने शोधपरक गतिविधियों को गति देने और शिक्षण स्तर को ऊंचा उठाने की जिम्मेदारी पर ज़ोर दिया।
कार्यक्रम का संचालन भौतिकी विभागाध्यक्ष डॉ. शिशिर शुक्ला ने किया। स्वागत उदबोधन डॉ. हर्ष पाराशरी ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. संदीप दीक्षित ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर डॉ. राजनंदन सिंह राजपूत, डॉ. सत्येंद्र कुमार सिंह, डॉ. चंदन गोस्वामी, भानु प्रताप सिंह, डॉ. शशांक गुप्ता, मंजीत कुमार, सुधाकर गुप्ता, प्रशान्त शर्मा, रजनीश दीक्षित और देवेंद्र कुमार सहित कई अन्य शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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