[ किसान आंदोलन / ग्राउंड रिपोर्ट ]
ब्यूरो रिपोर्ट: राज बहादुर, लखनऊ ✍️
संयुक्त किसान मोर्चा भारत और भारतीय किसान मजदूर यूनियन (दशहरी संगठन) के नेतृत्व में लखनऊ एयरपोर्ट विस्तार के खिलाफ चल रहा आंदोलन एक नए पड़ाव पर पहुँच गया है। चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के विस्तार और रहीमाबाद क्षेत्र में प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण के विरोध में किसानों का धरना आज 22वें महीने में प्रवेश कर गया है।
अडानी ग्रुप के खिलाफ आक्रोश: धरनास्थल पर मौजूद किसानों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सरकार एवं विस्तारकर्ता अडानी ग्रुप (Adani Group) के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कविताओं और नारों के जरिए अन्याय के विरुद्ध 'अभिमन्यु' की तरह संघर्ष करने का आह्वान किया, जिससे पूरा माहौल जोश से भर उठा।
"जमीन हमारी, अधिकार हमारा": आंदोलन का नेतृत्व कर रहे मनीष यादव (दशहरी) ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों का न्यायपूर्ण समाधान नहीं होता, तब तक यह अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। किसानों ने दो टूक शब्दों में कहा कि वे किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेंगे और अपनी पैतृक भूमि की रक्षा के लिए अंतिम सांस तक लड़ेंगे।
• रहीमाबाद क्षेत्र में जबरन भूमि अधिग्रहण पर तुरंत रोक लगे।
• प्रभावित होने वाले किसानों को उचित मुआवजा और वैकल्पिक व्यवस्था दी जाए।
• स्थानीय निवासियों के अधिकारों और हितों की अनदेखी बंद हो।
लखनऊ में जारी यह दीर्घकालिक आंदोलन अब राज्य स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। प्रशासन पर निरंतर दबाव बढ़ रहा है, लेकिन किसान संगठन अपनी माँगें मनवाने पर अड़े हुए हैं। धरनास्थल पर महिलाओं और युवाओं की बढ़ती भागीदारी इस आंदोलन को और भी सशक्त बना रही है।
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