ब्यूरो रिपोर्ट: शशांक मिश्रा
लखनऊ
दिनांक: 17-04-2026
लखनऊ। डॉ. राजेश्वर सिंह ने 131वें संविधान संशोधन विधेयक का विरोध करने को लेकर कांग्रेस-नेतृत्व वाले विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के तहत विधानमंडलों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण के क्रियान्वयन को तेज करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
डॉ. सिंह ने आरोप लगाया कि विपक्ष का यह रुख उनके दोहरे मापदंडों को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि एक ओर जहां महिला सशक्तिकरण की बात की जाती है, वहीं दूसरी ओर ऐसे महत्वपूर्ण विधेयकों का विरोध कर उसे टालने का प्रयास किया जा रहा है, जो महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए जरूरी हैं।
उन्होंने कहा कि यह सुधार लंबे समय से लंबित मांग को पूरा करता है, लेकिन विपक्ष का विरोध देरी की मानसिकता को दर्शाता है। डॉ. सिंह के अनुसार, इस प्रकार का विरोध महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है और समावेशी शासन की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने जोर देते हुए कहा कि भारत के समग्र विकास के लिए महिलाओं की निर्णय प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।

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