शाहजहाँपुर। आमजन की समस्याओं के समयबद्ध और पारदर्शी समाधान हेतु जनपद प्रशासन पूरी तरह कड़े सर्विलांस मोड पर है। जिलाधिकारी **श्री धर्मेन्द्र प्रताप सिंह** ने बुधवार को कलेक्ट्रेट स्थित अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित "जनता दर्शन" के दौरान दूर-दराज से आए फरियादियों की शिकायतों को अत्यंत गंभीरता से सुना। गंभीर और लंबित मामलों में जिलाधिकारी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित उपजिलाधिकारियों (SDMs) और तहसीलदारों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) तथा दूरभाष के माध्यम से ऑन-द-स्पॉट लाइन पर लिया और मौके पर ही त्वरित एवं विलेखीय कार्रवाई सुनिश्चित करने के आदेश जारी किए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कोई भी व्यक्ति बहुत बड़ी उम्मीद और आस लेकर जिला मुख्यालय या सरकारी कार्यालयों तक पहुंचता है। ऐसे में सभी विभागीय अधिकारियों का यह नैतिक और प्रशासनिक दायित्व है कि वे पूरी संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी के साथ जनशिकायतों का निस्तारण कर आमजन का विश्वास अर्जित करें। उन्होंने कड़े कमान निर्देश दिए कि जनशिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान सभी अधिकारियों की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
⏱️ जनता दर्शन में अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य, हीलाहवाली पर कड़ा चाबुक:
जिलाधिकारी ने कड़ा विलेखीय आदेश जारी करते हुए कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप सभी जिला और तहसील स्तरीय अधिकारी निर्धारित जनता दर्शन की पूरी अवधि में अनिवार्य रूप से अपने कार्यालयों में उपस्थित रहेंगे। जनसुनवाई के समय दफ्तर से गायब रहने वाले या लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। किसी भी स्तर पर हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं होगी।
| ⚙️ जिलाधिकारी द्वारा विभागीय प्रभागों को दिए निर्देश | ⚖️ पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं विलेखीय जांच के मानक |
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• अनिवार्य उपस्थिति: सभी अधिकारी जनता दर्शन अवधि में जनसामान्य के लिए दफ्तर में उपलब्ध रहें। • राजस्व प्रभाग को कड़ा कमान निर्देश: भूमि विवाद, पैमाइश और राजस्व से जुड़े मामलों को पूरी संवेदनशीलता और मनोयोग से निपटाएं। |
• वास्तविकता और पारदर्शिता: केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर वास्तविक और पारदर्शी निस्तारण होना चाहिए। • त्वरित जांच प्रक्रिया: जिन प्रकरणों में स्थलीय जांच आवश्यक है, उनमें तत्काल टीम भेजकर नियमानुसार विलेखीय कार्रवाई पूर्ण की जाए। |
"प्रशासन का मूल दायित्व आमजन की समस्याओं का त्वरित और पारदर्शी निस्तारण करना है। जनता दर्शन के माध्यम से हम सीधे पीड़ितों से जुड़ रहे हैं। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और दूरभाष के माध्यम से त्वरित फीडबैक प्रणाली को लागू किया गया है ताकि तहसील स्तर पर भी जवाबदेही तय की जा सके। सुशासन की इस विलेखीय कमान व्यवस्था में शिथिलता बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।" — कलेक्टिव सुशासन प्रभाग, कलेक्ट्रेट शाहजहाँपुर
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