शंकरगढ़ में नाली निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल, मानकों की अनदेखी का स्थानीय लोगों ने लगाया आरोप

घटिया सामग्री और कम गहराई-चौड़ाई के इस्तेमाल का दावा, जांच की मांग को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी

ब्यूरो चीफ आमिर मिर्जा प्रयागराज ✍️

शंकरगढ़/प्रयागराज। यमुनानगर स्थित नगर पंचायत शंकरगढ़ में विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय लोगों ने सवाल खड़े किए हैं। कस्बे में निर्माणाधीन नई नाली को लेकर निवासियों ने मानकों की अनदेखी और निर्माण कार्य में अनियमितता के आरोप लगाए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नाली का निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं किया जा रहा है और काम में महज खानापूर्ति की जा रही है।

घटिया सामग्री इस्तेमाल करने का आरोप

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि निर्माण कार्य में घटिया ईंट, कम मात्रा में सीमेंट और मिट्टी मिली रेत का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा नाली की गहराई एवं चौड़ाई भी स्वीकृत नक्शे के अनुरूप नहीं होने का दावा किया गया है।

लोगों ने निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सरिया एवं अन्य निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, जब उन्होंने निर्माण कार्य को लेकर जेई से शिकायत की तो कथित तौर पर उन्हें निर्माण कार्य को उसी तरह जारी रहने देने की बात कही गई।

पुराने मलबे के इस्तेमाल का भी आरोप

स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुरानी नाली को तोड़ने के बाद निकले मलबे का इस्तेमाल नई नाली के निर्माण में किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि नाली की दीवारों की मोटाई निर्धारित मानक से कम है, जिससे निर्माण की मजबूती को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

निवासियों ने आशंका जताई कि यदि निर्माण की गुणवत्ता में सुधार नहीं किया गया तो पहली ही तेज बारिश में नाली क्षतिग्रस्त हो सकती है और सरकारी धन का अपेक्षित लाभ आम जनता को नहीं मिल पाएगा।

नगर पंचायत ने कहा—कमी मिली तो कराएंगे जांच

मामले में नगर पंचायत अध्यक्ष के प्रतिनिधि से बात किए जाने पर उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य मानक के अनुसार कराया जा रहा है। यदि किसी प्रकार की कमी है तो उसे दिखवाया जाएगा।

वहीं स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित जेई मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच करने से बचते नजर आए।

जांच और कार्रवाई की मांग

स्थानीय निवासियों ने जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी, प्रयागराज से निर्माणाधीन नाली की तकनीकी जांच और गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही निर्माण में अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदार ठेकेदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है।

लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि निर्माण कार्य की गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ तो वे निर्माण कार्य रुकवाकर धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।

अब देखना होगा कि स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए आरोपों पर नगर पंचायत एवं प्रशासन की ओर से क्या जांच कराई जाती है और जांच के बाद निर्माण कार्य की वास्तविक गुणवत्ता को लेकर क्या स्थिति सामने आती है।

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