ब्यूरो रिपोर्ट: जहीन खान ✍️
उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जारी जून 2025 की मासिक समीक्षा रिपोर्ट में जनपद श्रावस्ती ने राजस्व वादों के निस्तारण में प्रदेशभर में पहला स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि श्रावस्ती प्रशासन द्वारा निजी भूमि विवादों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के चलते हासिल हुई है।
जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने जानकारी देते हुए बताया कि शासन की प्राथमिकता है कि राजस्व वादों का शीघ्र एवं प्रभावी निस्तारण किया जाए। इस क्रम में राजस्व न्यायालय कम्प्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली (RCCMS) पोर्टल पर जून 2025 की रिपोर्ट के आधार पर मा० मुख्यमंत्री कार्यालय, उत्तर प्रदेश द्वारा दिनांक 04 जुलाई 2025 को प्रदेशस्तरीय रैंकिंग जारी की गई।
इस रैंकिंग के अनुसार, धारा-116 (उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता) के अंतर्गत आने वाले निजी भूमियों के आपसी बंटवारे से संबंधित वादों में श्रावस्ती जनपद ने टॉप-10 जनपदों की सूची में प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसका कारण यह रहा कि इस श्रेणी में लंबित वादों की संख्या न्यूनतम रही और निस्तारण की गति एवं गुणवत्ता दोनों ही उच्च स्तर पर रही।
जिलाधिकारी ने बताया कि यह उपलब्धि जिला प्रशासन की सतत निगरानी, पारदर्शिता और टीमवर्क का परिणाम है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन का प्रयास रहेगा कि अन्य धाराओं जैसे धारा-67 (गांवसभा भूमि से अतिक्रमण हटाने संबंधी वाद) में भी श्रेष्ठ प्रदर्शन कर श्रावस्ती को आगे रखा जा सके।
शासन स्तर से मिली इस मान्यता से जिले के प्रशासनिक अधिकारियों और राजस्व कर्मचारियों में उत्साह है। जिला प्रशासन ने आगे भी जनहित और न्यायिक पारदर्शिता के सिद्धांतों पर कार्य करते रहने की प्रतिबद्धता दोहराई है।
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