ब्यूरो रिपोर्ट: सुधीर सिंह कुम्भाणी
सकरन/सीतापुर। क्षेत्र की ग्राम पंचायत शाहपुर में कराए गए विकास कार्यों की पोल पहली ही बारिश में खुल गई। ग्राम प्रधान सत्यनारायण मौर्या और पूर्व पंचायत सचिव प्रदीप कुमार पर मानकविहीन कार्य कराकर सरकारी धन की बंदरबांट करने का आरोप लगा है।
ग्रामवासियों का कहना है कि पंचायत भवन की चहारदीवारी बिना नींव और मानक के निर्माण की गई। वहीं लाखों रुपये की लागत से लगाई गई इंटरलाकिंग भुगतान होते ही धंस गई और बरसात का पहला झोंका भी नहीं सह सकी।
इसी तरह पंचायत के अन्य कार्यों, जैसे हैंडपम्प की रिबोरिंग और मरम्मत भी बिना कार्य कराए ही कागज़ों में पूरी दिखा दी गई। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि आखिर ऐसे मानकविहीन कार्यों को छूट किसने दी और कार्रवाई कौन करेगा?
इस मामले में जब प्रधान सत्यनारायण मौर्या से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि “पक्का घूरा और आरआर सेंटर पंचायत सचिव ने बनवाया था। पंचायत भवन की बॉउंड्री हमने बनवाई है। मानक-वगैरह हम नहीं जानते, भुगतान तो बीडीओ को करना ही पड़ेगा।”
वहीं जेई सुभाष चंद्र ने बताया कि कार्य मानकविहीन कराए जाने के कारण उन्होंने एमवी रोक दी थी, लेकिन सहायक जेई आनंद द्वारा एमवी कर दी गई और भुगतान भी जारी कर दिया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि जब जिम्मेदार अधिकारी ही चुप्पी साधे बैठे हैं तो भ्रष्टाचार के ऐसे कार्यों पर अंकुश कैसे लगेगा, यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है।
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