ब्यूरो रिपोर्ट:सुधीर सिंह कुम्भाणी,सीतापुर
सकरन (सीतापुर), 04 फरवरी 2026: विकास खंड सकरन में ग्राम पंचायत पतरासा में चकमार्ग निर्माण कार्य के दौरान तकनीकी सहायक छैल बिहारी द्वारा ग्राम प्रधान से अवैध राशि वसूलने के मामले में प्रशासन ने कड़ा संज्ञान लिया है।
स्थानीय प्रधान विनोद कुमार ने सोशल मीडिया पर ऑनलाइन भुगतान की स्क्रीन शॉट और तकनीकी सहायक द्वारा पैसे मांगने का ऑडियो वॉयरल किया था। इस मामले की जांच के लिए खंड विकास अधिकारी श्रीश कुमार गुप्ता ने तकनीकी सहायक को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा।
घटना की जानकारी मिलते ही डीसी मनरेगा, चंदन देव पांडेय ने तत्काल प्रभाव से तकनीकी सहायक छैल बिहारी को ब्लॉक से हटा कर जिला मुख्यालय भेज दिया। इसके साथ ही, प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए दो सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। जांच में दोषी पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, तकनीकी सहायक छैल बिहारी ने अपनी नियुक्ति के समय प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों में भी जोड़-तोड़ की संभावना जताई जा रही है। करीब डेढ़ दशक तक नौकरी में रह चुके छैल बिहारी के खिलाफ अब चयन और कार्यकाल की पूरी जानकारी जुटाई जाएगी।
मामले की पृष्ठभूमि:
वर्ष 2024/25 में ग्राम पंचायत पतरासा में मनरेगा के तहत चकमार्ग का निर्माण कार्य हुआ था। तकनीकी सहायक ने एमवी कम करने के बदले प्रधान से 1 लाख 10 हजार 500 रुपए की मांग की थी। प्रधान द्वारा 65 हजार नकद और 46 हजार 500 रुपए ऑनलाइन टीए को भुगतान किए गए, लेकिन भुगतान के बावजूद एमवी कम कर दी गई, जिससे मजदूरों को उनकी पूरी मजदूरी नहीं मिल सकी।
प्रधान ने इस मामले को उजागर करते हुए सोशल मीडिया पर ऑडियो और स्क्रीन शॉट वॉयरल किया, जिससे मामले का असर हुआ और तकनीकी सहायक को जिला मुख्यालय से सम्बद्ध कर दिया गया।
खण्ड अधिकारी का बयान:
खंड विकास अधिकारी श्रीश कुमार गुप्ता ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डीसी मनरेगा का बयान:
डीसी चंदन देव पांडेय ने कहा कि वसूली और भ्रष्टाचार की शिकायत पर प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की है। दोषी तकनीकी सहायक के खिलाफ पूरी जांच कर उनके चयन और कार्यकाल के दस्तावेजों की समीक्षा की जाएगी।
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