सीतापुर। सकरन क्षेत्र की ग्राम पंचायत राजापुर में विकास कार्यों को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों ने प्रधान और पंचायत सचिव पर योजनाओं में हेरफेर कर सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका जताई है।
बताया जा रहा है कि मनरेगा के तहत खड़ंजा और हाट बाजार के लिए कार्ययोजना तैयार कर सीआईबी बोर्ड लगाए गए थे, लेकिन उसी स्थान पर क्षेत्र पंचायत निधि से भी निर्माण कार्य के लिए टेंडर जारी कर दिया गया। इससे एक ही कार्य के लिए दोहरी योजना के जरिए धन निकासी की संभावना जताई जा रही है।
ग्रामीणों के अनुसार, गांव के बीच आरसीसी मार्ग पर मानकों की अनदेखी करते हुए नाममात्र की रोड़ी डालकर इंटरलॉकिंग का निर्माण कराया जा रहा है। इसी तरह कई खड़ंजों को मनरेगा में दर्शाने के साथ ही उन पर क्षेत्र पंचायत से भी टेंडर जारी कराए गए हैं।
क्षेत्र पंचायत द्वारा जारी करीब दो दर्जन कार्यों में से एक ही ग्राम पंचायत में लगभग एक दर्जन कार्य शामिल होना भी सवाल खड़े कर रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधान और पंचायत सचिव की मिलीभगत से मानकविहीन कार्य कराकर धन निकासी को प्राथमिकता दी जा रही है।
मामले को लेकर भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि कार्यों में भ्रष्टाचार और अनियमितता पाई गई तो इसकी शिकायत जिलाधिकारी से की जाएगी और जिम्मेदारों के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।
वहीं, इस संबंध में खंड विकास अधिकारी सकरन से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन व्यस्त रहा। फिलहाल मामले को लेकर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
लखनऊ
0 Comments