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मुमुक्षु महोत्सव के दूसरे दिन श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का संगम

स्टेट ब्यूरो हेड: योगेंद्र सिंह यादव, उत्तर प्रदेश ✍️

शाहजहांपुर। मुमुक्षु आश्रम में आयोजित मुमुक्षु महोत्सव के दूसरे दिन भी श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत गुरु पूजन से हुई, जिसमें अमरकंटक से पधारे महामंडलेश्वर स्वामी हरिहरानंद जी महाराज ने स्वामी शुकदेवानंद की प्रतिमा के समक्ष विधि-विधान से पूजन किया। इस अवसर पर स्वामी अभेदानंद सरस्वती, स्वामी सर्वेश्वरानंद सरस्वती एवं स्वामी गंगेश्वरानंद जी महाराज सहित अनेक संत उपस्थित रहे। पूजन के उपरांत रुद्राष्टाध्यायी पाठ के साथ रुद्र महायज्ञ प्रारंभ हुआ।

इसके बाद आयोजित श्रीराम कथा में कथाव्यास विजय कौशल जी महाराज ने भक्ति और श्रद्धा का महत्व बताते हुए कहा कि सच्ची श्रद्धा होने पर संत स्वयं भक्तों के पास आ जाते हैं। कथा के दौरान शिव-पार्वती विवाह प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया गया, जिसमें माता पार्वती की कठोर तपस्या और भगवान शिव के प्रति उनकी अटूट भक्ति को दर्शाया गया। शिव बारात के अद्भुत स्वरूप का वर्णन सुन श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए।

कथा के अगले चरण में भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा के मिलन का मार्मिक प्रसंग सुनाया गया। सुदामा की दीन दशा देखकर भगवान श्रीकृष्ण के करुणा भाव का वर्णन सुनकर पंडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। “देखि सुदामा की दीन दसा…” भजन ने पूरे वातावरण को भावुक बना दिया।

कार्यक्रम में पूजन, आरती और प्रसाद वितरण भी संपन्न हुआ। संजीव बंसल एवं कल्पना बंसल मुख्य यजमान रहे, जबकि प्रोफेसर आर.के. आजाद और रश्मि आजाद ने भी पूजा-अर्चना में सहभागिता की। “हे राजा राम तेरी आरती उतारूँ…” की धुन से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा।

इस अवसर पर मुमुक्षु शिक्षा संकुल के मुख्य अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती सहित नगर आयुक्त डॉ. विपिन कुमार मिश्रा, एडवोकेट बृजेश पांडेय, डॉ. के.के. शुक्ला, डॉ. सत्य प्रकाश मिश्रा, रामचंद्र सिंघल, श्याम कटियार, अशोक अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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