ब्यूरो रिपोर्ट: तशरीफ़ अली
दिनांक: 04 अप्रैल 2026
मेरठ। शनिवार 04 अप्रैल 2026 को देशभर, विशेषकर उत्तर प्रदेश में, टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता को लेकर शिक्षकों में भारी आक्रोश देखने को मिला। शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत टीईटी को अनिवार्य किए जाने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में करीब 20 लाख से अधिक शिक्षकों ने धरना-प्रदर्शन किया।
शिक्षकों की प्रमुख मांग है कि पहले से नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से छूट दी जाए तथा इस संबंध में सरकार द्वारा उचित कानून बनाया जाए। इसके साथ ही शिक्षकों ने अपने स्थायीकरण और “समान कार्य के लिए समान वेतन” की मांग भी प्रमुखता से उठाई।
टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ केंद्र सरकार से कानून बनाने की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश सहित 20 राज्यों के शिक्षकों ने दिल्ली के रामलीला मैदान में जोरदार प्रदर्शन किया। मेरठ जनपद से माछरा ब्लॉक के अध्यक्ष दीपक तोमर और मंत्री प्रेमचंद के नेतृत्व में सैकड़ों शिक्षकों ने धरने में भाग लिया।
इधर, मेरठ के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की अनुपस्थिति के बीच शिक्षामित्रों ने मोर्चा संभालते हुए शिक्षण कार्य को सुचारू रूप से जारी रखा, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो सके।
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