मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज जनपद गोरखपुर में देश की ऐतिहासिक डिजिटल जनगणना के प्रथम चरण 'स्वगणना' (Self-Enumeration) के अंतर्गत ऑनलाइन प्रपत्र भरकर इस राष्ट्रीय अभियान की शुरुआत की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने उत्तर प्रदेश के समस्त नागरिकों से डिजिटल तकनीक का लाभ उठाने और 21 मई तक संचालित होने वाली इस स्वगणना प्रक्रिया में अपनी सक्रिय एवं जिम्मेदारीपूर्ण सहभागिता सुनिश्चित करने की भावपूर्ण अपील की।
📌 डिजिटल जनगणना एवं स्वगणना की मुख्य बातें:
- 🔹 ऐतिहासिक पहल: यह देश के इतिहास में पहली बार आयोजित हो रही पूर्णतः पेपरलेस और डिजिटल जनगणना है।
- 🔹 तय समय सीमा: नागरिकों के लिए ऑनलाइन माध्यम से स्वयं का विवरण भरने (स्वगणना) की अंतिम तिथि 21 मई 2026 निर्धारित है।
- 🔹 तकनीकी सुगमता: आधुनिक डिजिटल तकनीक के समावेश से पूरी प्रक्रिया को आमजन के लिए पारदर्शी, प्रभावी और सुगम बनाया गया है।
- 🔹 विकास का आधार: सटीक डिजिटल आंकड़ों की मदद से भविष्य में समावेशी व अंत्योदय कल्याण की योजनाएं तैयार की जाएंगी।
"यह देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना है, जिसका उद्देश्य 'हमारी जनगणना-हमारा विकास' की मूल भावना के साथ आगे बढ़ना है। सटीक आंकड़ों के आधार पर ही प्रदेश के समग्र, समावेशी एवं सुनियोजित विकास को वास्तविक गति दी जा सकती है। सभी प्रदेशवासी इस राष्ट्रीय यज्ञ में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और समय से अपनी स्वगणना पूर्ण करें।"
इस डिजिटल प्रक्रिया से न केवल सरकारी मशीनरी का समय बचेगा बल्कि आंकड़ों के संकलन में मानवीय त्रुटियों की गुंजाइश भी समाप्त हो जाएगी। मुख्यमंत्री के इस कदम के बाद पूरे उत्तर प्रदेश प्रशासनिक अमले द्वारा आम नागरिकों को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वगणना करने हेतु जागरूक करने के प्रयासों में तेजी ला दी गई है।
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