मलिहाबाद। आम के बागों और ग्रामीण अंचलों के लिए विख्यात मलिहाबाद क्षेत्र के अंतर्गत वन्यजीवों के आबादी वाले इलाकों में निकलने और उनके सुरक्षित रेस्क्यू का एक बेहद साहसिक मामला सामने आया है। मलिहाबाद प्रभाग की ग्राम पंचायत नविपानाह स्थित एक ईंट भट्ठे के समीप खेतों में साफ-सफाई का कार्य कराते समय अचानक एक अत्यंत विशालकाय और भारी-भरकम अजगर निकलने से हड़कंप मच गया। भारी शोर-शराबे और दहशत के बीच स्थानीय प्रबुद्ध नागरिक **'बब्लू भाई'** ने अदम्य साहस और अद्भुत सूझबूझ का परिचय देते हुए बिना किसी हिंसक विसंगति के, अजगर को अत्यंत सावधानीपूर्वक सुरक्षित पकड़ लिया और तत्काल वन विभाग (Forest Department) की नोडल टीम से संपर्क स्थापित कर सूचना दी।
🐍 भट्ठे के समीप झाड़ियों में छिपा बैठा था अजगर, बब्लू भाई बने संकटमोचक:
प्राप्त प्रामाणिक विलेख के अनुसार, नविपानाह ग्राम पंचायत के अंतर्गत स्थित ईंट भट्ठे के पास कृषि योग्य खेतों की मेड़ों व झाड़ियों की साफ-सफाई का विलेख कार्य चल रहा था। इसी दौरान कबाड़ और सूखी पत्तियों के बीच सरसराहट होने पर मजदूरों की नजर एक लंबे अजगर पर पड़ी। विशाल सर्प को देखकर काम कर रहे मजदूरों और राहगीरों में अफरा-तफरी मच गई। विसंगतिपूर्ण स्थिति उत्पन्न होने से पूर्व ही मौके पर पहुँचे 'बब्लू भाई' ने रीयल-टाइम कमान संभाली। उन्होंने बिना आपा खोए, लाठी या किसी भी औजार से जीव को नुकसान पहुँचाए बिना, वन्यजीव कस्टडी नियमों के अनुरूप उसे सुरक्षित रूप से काबू में कर लिया।
| 📊 घटना स्थल एवं भौगोलिक प्रविष्टि | ⚙️ रेस्क्यू कस्टडी एवं विभागीय कार्रवाई |
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• मुख्य क्षेत्र: तहसील मलिहाबाद, लखनऊ सर्किल। • विशिष्ट स्थल प्रविष्टि: ग्राम पंचायत नविपानाह, ईंट भट्ठा परिसर के समीप खेत। • वन्यजीव का प्रकार: काफी लंबा, भारी-भरकम भारतीय रॉक पाइथन (अजगर)। |
• मुख्य रेस्क्यू कर्ता: स्थानीय साहसिक नागरिक 'बब्लू भाई'। • विधिक कस्टडी सुपुर्दगी: प्रभागीय वन कार्यालय (Forest Range Office) की टीम। • अग्रिम विलेख ऐक्शन: चिकित्सीय परीक्षण के उपरांत आरक्षित घने वन क्षेत्र में सुरक्षित विमुक्ति। |
अक्सर ग्रामीण इलाकों में अजगर या हिंसक जीवों के निकलने पर लोग भयवश उन पर लाठी-डंडों से वार कर बैठते हैं, जो कि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (Wildlife Protection Act) के तहत विलेख रूप से दंडनीय अपराध है। परंतु नविपानाह में बब्लू भाई द्वारा अपनाया गया पारदर्शी और जीव-अनुकूल रवैया पूरे मलिहाबाद सर्किल के लिए एक मिसाल बन गया है। उन्होंने वन्यजीव को बिना एक भी खरोंच पहुँचाए कस्टडी में रखा और जिम्मेदार नागरिक का फर्ज निभाते हुए तत्काल वन दरोगा व स्थानीय नोडल टीम को इसकी प्रामाणिक सूचना दी। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर अजगर को अपने कब्जे में लिया।
"मलिहाबाद और उसके आस-पास के नदी तटीय व भट्ठा अंचलों में प्राकृतिक वनस्पतियों के कारण अजगरों का पाया जाना स्वाभाविक है। नविपानाह ग्राम पंचायत के खेतों में मिले इस लंबे अजगर को जिस प्रकार 'बब्लू भाई' ने बिना किसी नुकसान के सुरक्षित पकड़ा, वह पर्यावरण सुशासन और जीव दया का उत्कृष्ट उदाहरण है। हमारी वन प्रभाग कमान टीम ने अजगर की विधिक कस्टडी ले ली है। प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण (Medical Checkup) के उपरांत इसे आबादी से दूर कलेक्ट्रेट आरक्षित आरण्यक वन क्षेत्र या कुकरैल रेंज के जंगलों में रीयल-टाइम मुक्त किया जाएगा। हम समस्त सम्मानित नागरिकों से विधिक अपील करते हैं कि वे वन्यजीवों को क्षति न पहुँचाएं।" — स्थानीय वन रेंज कमान बुलेटइन प्रविष्टि सूत्र
नविपानाह ग्राम सभा, मलिहाबाद कस्बा बाजार, काकोरी आउटर सर्किल, रहीमाबाद फल पट्टी बेल्ट, कलेक्ट्रेट जनसुनवाई मंचों और स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं, पर्यावरण प्रेमियों व सम्मानित प्रबुद्ध नागरिकों ने बब्लू भाई द्वारा अपनी जान जोखिम में डालकर इस मूक जीव की रक्षा करने और वन विभाग का नोडल सहयोग करने के इस सुशासनात्मक कदम की खुले दिल से सराहना की है। 'सच की आवाज वेब न्यूज' भी इस उत्कृष्ट जीव संरक्षण कार्य हेतु बंथरा व मलिहाबाद प्रभाग के सजग प्रहरियों का अभिनंदन करता है। जिला वन कमान ने पुनः समस्त किसानों व बागवानों से विधिक व विनम्र अपील की है कि वे गर्मी व वर्षा के इस संधि काल में खेतों व बागों में काम करते समय पैरों में ऊंचे जूते पहनें, झाड़ियों की सफाई से पूर्व कड़े डंडे से जमीन थपथपा लें। यदि क्षेत्र में कहीं भी तेंदुआ, लकड़बग्घा, अजगर या विषैले नागों की अमर्यादित व विसंगतिपूर्ण हलचल दिखे, तो स्वयं कानून हाथ में न लें; वन्यजीवों पर हिंसक प्रहार न करें; बल्कि तत्काल इसकी प्रामाणिक सूचना स्थानीय रेंज अधिकारी, डायल '११२' या वन विभाग हेल्पलाइन पर प्रेषित करें ताकि सुशासन की मर्यादा के तहत वन्य संपदा सुरक्षित रहे।
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