बलरामपुर। सरकारी विभागों में पारदर्शी नियुक्तियों की शुचिता भंग करने वाले ब्लैकमेलरों, नौकरी के नाम पर बेरोजगारों से विसंगतिपूर्ण धन उगाही करने वाले रैकेट तथा परीक्षा प्रणाली को दूषित करने वाले अपराधियों के खिलाफ जिला पुलिस कमान ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। जनपद के बेसिक शिक्षा विभाग में ईसीसी एजूकेटर (ECC Educater) के रिक्त पदों पर नियुक्ति पत्र दिलाने की आड़ में अभ्यर्थियों से अवैध मोटी रकम मांगने वाले एक बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस अधीक्षक बलरामपुर के सीधे कड़े निर्देशों के अनुपालन में, अपर पुलिस अधीक्षक **श्री विशाल पाण्डेय** के कुशल पर्यवेक्षण व प्रभारी निरीक्षक थाना को0 देहात **श्री गिरिजेश तिवारी** के नोडल नेतृत्व में दो शातिर पदाधिकारियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर विधिक कस्टडी में ले लिया गया है।
प्राप्त प्रामाणिक प्रशासनिक विलेख के अनुसार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) बलरामपुर को डाक प्रविष्टि के जरिए आवेदक कामता प्रसाद (निवासी: पहलवारा, बलरामपुर) का एक शिकायती पत्र प्राप्त हुआ था। पीड़ित ने आरोप लगाया कि विभाग में ईसीसी एजूकेटर के पदों पर दक्षता परीक्षण (दिनांक २७.०४.२०२६) में चयनित होने के उपरांत उसके पास हफ़्तों से फोन कर नियुक्ति पत्र के नाम पर रिश्वत मांगी जा रही थी। इस पर तत्काल संज्ञान लेते हुए थाना को0 देहात पर **मु0अ0सं0 १९३/२०२६ धारा ३०८(२), ३१८(४) बीएनएस व ६/९/१३(३)/१४ उ0प्र0 सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम** पंजीकृत कर इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस लगाया गया था।
| 👤 गिरफ्तार जालसाज अभियुक्तों का प्रोफाइल | ⚙️ बरामदगी विवरण, माड्यूस आपरेंडी व विधिक प्रविष्टि |
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• १. जितेन्द्र यादव: पुत्र किरन कुमार यादव, निवासी: ग्राम रजडेरवा, पो० मनकापुर, थाना पचपेड़वा, जनपद बलरामपुर। • २. आयुष सिंह: पुत्र वीरेन्द्र सिंह, निवासी: म०नं०-०३, हाईकोर्ट कम्पाउण्ड, जगतनारायण रोड, थाना वजीरगंज, लखनऊ। (हाल पता: म०नं०-१००ए, चौपटिया रोड, थाना चौक, लखनऊ)। |
• संस्थागत विलेख: दोनों आरोपी लखनऊ की आउटसोर्सिंग एजेंसी 'Ex-serviceman' संस्था में कार्यरत हैं। • इलेक्ट्रॉनिक बरामदगी: रंगीन ठगी की कॉल्स में प्रयुक्त घटना से संबंधित नोडल मोबाइल फोन जब्त। • अवैध डिजिटल ट्रांजैक्शन: अभ्यर्थी अमित गुप्ता व जान्ह्वी से २-२० हजार रुपये ऑनलाइन बैंक कस्टडी में ट्रांसफर कराए जाने की पुष्टि। |
गिरफ्तारी के उपरांत को0 देहात पुलिस की कड़ी विधिक पूछताछ में दोनों अभियुक्तों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए चौंकाने वाले विलेख साझा किए। उन्होंने बताया कि उनकी संस्था (Ex-serviceman) को बेसिक शिक्षा विभाग में आधिकारिक रूप से **जेम (GeM) पोर्टल** के माध्यम से संविदा कर्मियों की भर्ती हेतु नोडल कस्टडी दी गई थी। बलरामपुर जनपद में अभ्यर्थियों के साक्षात्कार और मूल विलेखों (दस्तावेजों) के सत्यापन का दायित्व इन्हीं दोनों (जितेन्द्र यादव व आयुष सिंह) को सौंपा गया था। इस नोडल सत्यापन की आड़ में इन्होंने शॉर्टलिस्टेड अभ्यर्थियों की गोपनीय सूची चुरा ली और अंतिम चयन पक्का करने की धौंस देकर ऑनलाइन अवैध वसूली का धंधा शुरू कर दिया।
"बेसिक शिक्षा विभाग जैसी पवित्र संस्था में आउटसोर्सिंग कस्टडी की आड़ लेकर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले इस सिंडिकेट का अनावरण पुलिस कमान की बड़ी विधिक सफलता है। लोक सेवकों व अधिकृत संस्थाओं का यह विसंगतिपूर्ण कृत्य अक्षम्य है। दोनों अभियुक्तों को विधिक कस्टडी रिमांड के तहत माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। हमने बैंक खातों के ट्रांजैक्शन विलेखों को फ्रीज करने हेतु नोडल विंग को प्रेषित कर दिया है। भविष्य में संविदा व आउटसोर्सिंग नियुक्तियों में पूर्ण पारदर्शिता स्थापित करने हेतु कलेक्ट्रेट स्तर पर कड़ा सर्विलांस फ्रेमवर्क लागू किया जा रहा है; भ्रष्टाचार में लिप्त आउटसोर्सिंग कर्मियों के खिलाफ सीधे गैंगस्टर एक्ट के तहत कठोर विधिक दमन किया जाएगा।" — अपर पुलिस अधीक्षक बलरामपुर श्री विशाल पाण्डेय
पहलवारा कस्बा, पचपेड़वा बॉर्डर अंचल, मनकापुर प्रभाग, वजीरगंज व चौक लखनऊ प्रशासनिक क्षेत्र, कलेक्ट्रेट जनसुनवाई मंचों और स्थानीय प्रबुद्ध बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं, युवा बेरोजगार कमेटियों तथा प्रबुद्ध नागरिकों ने बलरामपुर पुलिस व को० देहात थाना प्रभारी गिरिजेश तिवारी द्वारा त्वरित गति से जालसाजों को दबोचने के इस साहसिक सुशासनात्मक कदम की खुले दिल से सराहना की है। जिला शिक्षा व पुलिस कमान ने संयुक्त रूप से समस्त प्रतियोगी छात्रों व प्रबुद्ध अभिभावकों से विधिक व विनम्र अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की आउटसोर्सिंग भर्तियों में चयन सुनिश्चित कराने का दावा करने वाले बिचौलियों, दलालों या फर्जी नोडल कॉल करने वालों के झांसे में बिल्कुल न आएं और न ही कोई अमर्यादित विसंगतिपूर्ण वित्तीय लेनदेन करें; क्योंकि सुशासन राज में नियुक्तियां केवल योग्यता व मेरिट के आधार पर ही विलेख रूप से संपन्न होती हैं। यदि किसी भी भर्ती प्रक्रिया के दौरान आपसे रुपयों की मांग की जाए, तो तत्काल इसकी प्रामाणिक गुप्त सूचना सीधे पुलिस ऑफिस, संबंधित विभाग के नोडल अधिकारी या भ्रष्टाचार निवारण हेल्पलाइन / स्थानीय रिस्पॉन्स कमान '११२' पर दर्ज कराएं। आपकी सजगता ही सुरक्षित व पारदर्शी बलरामपुर का अभेद्य कवच है।
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