शाहजहाँपुर। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अवैध हथियारों का प्रदर्शन कर युवाओं को भ्रमित करने, अंचल में भय का माहौल बनाने और रील संस्कृति के नाम पर कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले हुड़दंगियों के खिलाफ जिला पुलिस ने कड़ा विधिक हंटर चला दिया है। पुलिस अधीक्षक **श्री सौरभ दीक्षित** के सख्त दिशा-निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक नगर के कुशल मार्गदर्शन एवं क्षेत्राधिकारी सदर के नोडल पर्यवेक्षण में थाना रौजा पुलिस को एक बड़ी विधिक सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने साइबर इनपुट और मुखबिर खास की सूचना पर त्वरित दंडात्मक प्रहार करते हुए, इंटरनेट पर अवैध हथियार चमकाने वाले एक शातिर अभियुक्त को ३१५ बोर नाजायज तमंचे के साथ रंगे हाथों विधिक कस्टडी में ले लिया है।
विधिक मामले के विवरण के अनुसार, दिनांक 21.05.2026 को थाना रौजा पुलिस टीम बीट क्षेत्रों में शांति व्यवस्था बनाए रखने एवं संदिग्ध वाहनों/व्यक्तियों के विधिक सर्विलांस हेतु भ्रमणशील थी। इसी दौरान गश्ती दल को मुखबिर खास द्वारा विधिक सूचना दी गई कि ग्राम हथौड़ा बुजुर्ग में एक युवक द्वारा अवैध असलहे के साथ वीडियो क्लिप (रील) बनाकर धौंस जमाने के उद्देश्य से सोशल मीडिया पर धड़ल्ले से वायरल किया जा रहा है। सूचना की विधिक गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने तत्काल ग्राम हथौड़ा बुजुर्ग में विधिक दबिश दी और घेराबंदी कर अभियुक्त **अमन पुत्र आवर अली मंसूरी** को समय करीब १८:२१ बजे गिरफ्तार कर लिया, जिसके पास से वीडियो में प्रदर्शित नाजायज असलहा विधिक रूप से बरामद हुआ।
| 👤 गिरफ्तार अभियुक्त एवं बरामदगी प्रोफाइल | ⚖️ शातिर पुराना आपराधिक इतिहास (Criminal History) |
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• नाम: अमन पुत्र आवर अली मंसूरी • उम्र: करीब २२ वर्ष • निवासी: ग्राम हथौड़ा बुजुर्ग, थाना रौजा, शाहजहाँपुर • बरामदगी रिकॉर्ड: 01 अदद अवैध तमंचा .315 बोर एवं विधिक जिंदा कारतूस। • नया मुकदमा: मु०अ०सं० 235/2026 धारा 3/25 आर्म्स एक्ट। |
• केस १: मु०अ०सं० 235/2026 धारा 3/25 शस्त्र अधिनियम (वर्तमान)। • केस २ (संगीन): मु०अ०सं० 327/2022 धारा 323 (मारपीट), 363 (अपहरण), 376 (दुष्कर्म), 504 भादवि व ३,४ पॉक्सो एक्ट (POCSO) एवं 3(2)(v), 3(2)(va) SC/ST ACT थाना रौजा, शाहजहाँपुर। |
थाना रौजा विधिक सेल से प्राप्त पत्रावलियों के मिलान के दौरान अभियुक्त अमन मंसूरी का एक बेहद संगीन और शातिर आपराधिक इतिहास पटल पर उजागर हुआ है। आरोपी के विरुद्ध वर्ष २०२२ में ही थाना रौजा पर अपहरण, संगीन दुष्कर्म (रेप), नाबालिग के साथ दुराचार की धाराओं के तहत **पॉक्सो एक्ट** एवं दलित उत्पीड़न निवारण अधिनियम (**SC/ST Act**) के अंतर्गत अत्यंत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसमें वह पूर्व में विधिक जेल यात्रा भी कर चुका है। जेल से बाहर आने के बाद भी उसकी आदतों में सुधार नहीं हुआ और वह पुनः अवैध हथियारों के साथ इंटरनेट पर हुड़दंग मचाने लगा।
👮 थानाध्यक्ष उमेश कुमार मिश्र के नेतृत्व में महिला व पुरुष विंग की संयुक्त विधिक कार्रवाई:सोशल मीडिया पर रीयल-टाइम सर्विलांस कर सशस्त्र अभियुक्त को सूझबूझ और अदम्य साहस से दबोचने वाली टीम में **थानाध्यक्ष श्री उमेश कुमार मिश्र**, **उपनिरीक्षक श्री विनीत कुमार**, **हेड कांस्टेबल 147 अशोक कुमार भदौरिया**, **कांस्टेबल 2449 विकास नागर**, **कांस्टेबल 2528 दीप नागर**, **रिक्रूट आरक्षी शीशपाल सिंह** एवं **रिक्रूट महिला आरक्षी ९८ प्राची** मुख्य रूप से शामिल रहीं। पुलिस विंग द्वारा अभियुक्त के विधिक प्रपत्रों को सुदृढ़ कर रिमांड हेतु माननीय न्यायालय के सम्मुख प्रस्तुत किया गया है।
"जनपद शाहजहाँपुर में इंटरनेट मीडिया का दुरुपयोग कर हथियारों का प्रदर्शन करने, कानून को ठेंगा दिखाने या आपराधिक प्रवृत्तियों का महिमामंडन करने वाले आदतन अपराधियों के विरुद्ध पूर्णतः कठोर विधिक दमन नीति लागू है। अभियुक्त अमन का पुराना सांगठनिक आपराधिक इतिहास यह सिद्ध करता है कि वह समाज के लिए एक विसंगति है। आर्म्स एक्ट के इस नए केस के साथ उसके पुराने लंबित मुकदमों की पैरवी को भी कड़ा किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर नजर रखने हेतु हमारी साइबर विंग चौबीसों घंटे सक्रिय है। यदि कोई भी रसूखदार या हुड़दंगी अवैध तमंचों संग तस्वीरें या वीडियो पोस्ट करेगा, तो उसकी विधिक जब्ती के साथ जिलाबदर व गैंगस्टर जैसी विधिक दंडात्मक कार्रवाई तुरंत की जाएगी।" — थाना रौजा पुलिस प्रशासनिक कमान
हथौड़ा बुजुर्ग, रौजा रेलवे जंक्शन सर्किल और सदर आउटर अंचल के स्थानीय सम्मानित प्रबुद्ध नागरिकों, छात्र यूनियनों और ग्रामीण जनप्रतिनिधियों ने रौजा पुलिस की इस त्वरित, पारदर्शी और बेहद सख्त विधिक कार्रवाई की भूरि-भूरि प्रशंसा की है। कलेक्ट्रेट जनसुनवाई पटल और पुलिस नियंत्रण कक्ष ने पुनः जनपद के समस्त युवाओं और सम्मानित नागरिकों से विधिक अपील की है कि वे सोशल मीडिया का उपयोग केवल सकारात्मक कार्यों और शिक्षा-रोजगार हेतु ही करें। यदि इंटरनेट पर फेसबुक, इंस्टाग्राम या व्हाट्सएप ग्रुप्स में कोई भी व्यक्ति अवैध हथियारों के साथ रील बनाता, फायरिंग करता या किसी को धमकी देता पाया जाए, तो उसके स्क्रीनशॉट सीधे पुलिस कमिश्नरेट/कंट्रोल रूम के व्हाट्सएप नंबर पर प्रेषित करें।
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