लखनऊ। उत्तर प्रदेश शासन की सांस्कृतिक संवर्धन नीति, कलेक्ट्रेट नागरिक समरसता चार्टर तथा सनातन धर्म के 'पितृ देवो भवः' विलेखों के कड़े अनुपालन में प्रांतीय राजधानी लखनऊ के प्रसिद्ध बुद्धेश्वर परिक्षेत्र से एक अत्यंत मर्मस्पर्शी व अनुकरणीय मानवीय प्रविष्टि सामने आई है। साधना टीवी चैनल के सुप्रसिद्ध भागवत प्रवक्ता परम पूज्य पंडित श्री शैलेंद्र मृदुल जी महाराज ने अपने पूजनीय पिता श्री के मोक्षगमन (स्वर्गवास) होने के उपरांत लोक-दिखावे और बाह्य आडंबरों से सर्वथा दूर रहकर दीन-दुखियों की सेवा का अभेद्य विलेख संकल्प लिया है। महाराज श्री ने ऐतिहासिक बाबा बुद्धेश्वर मंदिर परिसर पटल पर पहुंचकर सैकड़ों जरूरतमंदों व असहाय परिवारों के बीच नवीन वस्त्रों का भौतिक वितरण कर अपने दिवंगत पितृ देव को सच्ची व शाश्वत श्रद्धांजलि अर्पित की।
प्राप्त प्रामाणिक आध्यात्मिक विलेख विवरण के अनुसार, इस भावुक क्षण में उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए पूज्य पंडित शैलेंद्र मृदुल जी महाराज ने कहा कि माता-पिता की जीवित रहते निष्काम सेवा और उनके भौतिक शरीर के अवसान के बाद असहाय नारायणों (दीन-दुखियों) की मदद करना ही मानव जीवन का सर्वोच्च विधिक व नैतिक धर्म है। वस्त्र पाकर गरीब बच्चों व माताओं के चेहरे खिल उठे और संपूर्ण धाम परिसर में पूज्य पिता की दिव्य आत्मा की शांति हेतु सामूहिक मंगल प्रार्थना कलेक्ट्रेट आध्यात्मिक चार्टर के अनुकूल गूंज उठी।
| 📊 मुख्य आयोजक, आध्यात्मिक पीठ एवं श्रोत नोड | ⚙️ उपस्थित विशिष्ट कमान प्रबुद्ध जन एवं वालिंटियर्स |
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• परम पूज्य मुख्य प्रणेता: पंडित श्री शैलेंद्र मृदुल जी महाराज (सुप्रसिद्ध राष्ट्रीय भागवत कथा व्यास). • धार्मिक व राष्ट्रीय मीडिया लिंक: साधना राष्ट्रीय आध्यात्मिक टीवी चैनल संभाग. • पुनीत वितरण हॉटस्पॉट: ऐतिहासिक बाबा बुद्धेश्वर महादेव मंदिर परिसर, मोहान रोड, लखनऊ. |
• मुख्य आध्यात्मिक शिष्या: दिव्यांशी भगवती जी (महाराज श्री की कृपा पात्र प्रविष्टि). • प्रबुद्ध समाज व योग प्रभाग: संगीता सिंह जी (वरिष्ठ योग शिक्षिका कमान). • सहयोगी कोर वालिंटियर्स: मंजीत राजपूत जी एवं बुद्धेश्वर धाम न्यास के स्थानीय संभ्रांत पदाधिकारी व स्थानीय श्रद्धालुगण पुष्ट. |
इस पुनीत सेवा विलेख के संपन्न होने पर उपस्थित प्रबुद्ध जनों ने सर्वसम्मति से महाराज श्री के इस ऐतिहासिक कदम की सराहना की। समाजशास्त्रियों एवं कलेक्ट्रेट नागरिक समन्वय प्रभाग के प्रबुद्ध चिंतकों का मानना है कि वर्तमान समय में जहां मृत्युभोज व विशाल दिखावटी आडंबरों में लाखों रुपयों के बजट की विसंगतिपूर्ण बर्बादी की जाती है, वहीं पूज्य महाराज श्री ने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े ठंड, धूप व वस्त्र विहीन नारायणों को आच्छादित कर एक अभेद्य सुशासनात्मक व समरसता का संदेश दिया है, जो भावी पीढ़ी के नैतिक उन्नयन का मुख्य क्लॉज बनेगा।
"सनातन संस्कृति में माता-पिता ऋण से उऋण होना असंभव है, परंतु उनके द्वारा दिए गए संस्कारों को धरातल पर उतारना हमारा विधिक कर्तव्य है। बाबा बुद्धेश्वर महादेव के पावन सानिध्य में आज जो भी वस्त्र कलेक्ट्रेट सुशासन शुचिता के अंतर्गत वितरित किए गए हैं, वह मेरे पूज्य पिता जी के चरणों में मेरी अकिंचन श्रद्धांजलि है। मैं समाज के प्रत्येक संभ्रांत नागरिकों व भक्त परिवारों से करबद्ध प्रार्थना करता हूँ कि संकट या शोक की घड़ियों में बेसहारा अनाथालयों, कुष्ठ आश्रमों व गरीब बस्तियों का भौतिक सर्विलांस कर समाज कल्याण प्रविष्टियों में अपना योगदान दर्ज कराएं। मानव सेवा ही माधव सेवा है।" — भागवत कथा व्यास, पूज्य पंडित शैलेंद्र मृदुल जी महाराज
बुद्धेश्वर मुख्य कस्बा संभाग, मोहान रोड व्यस्ततम बाईपास ग्रिड, काकोरी व दुबग्गा संपर्क मार्ग सर्किल, पारा व मुन्नू खेड़ा नहरिया परिक्षेत्र, कसमंडी खुर्द व मलिहाबाद आउटर बेल्ट, विकास भवन जनसुनवाई पटल और माननीय उच्च न्यायालय व जिला कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के सम्मानित प्रबुद्ध अधिवक्ताओं, संभ्रांत धार्मिक देवस्थान कमेटियों, विभिन्न योग जागरण सोसायटियों तथा सजग नागरिक सुरक्षा मंचों ने 'सच की आवाज वेब न्यूज' के माध्यम से आध्यात्मिक संत द्वारा समाज को दी गई इस अभेद्य हरित व मानवीय प्रेरणा को डिजिटल पटल पर प्रमुखता से प्रसारित करने की मुक्तकंठ से सराहना की है। कलेक्ट्रेट नागरिक सुरक्षा एवं सामाजिक समरसता समन्वय सेल ने पुनः संपूर्ण जागरूक नागरिकों से वैधानिक व विनम्र अपील की है कि वे धार्मिक स्थलों के परिसरों में भिखारियों व डिफाल्टर बिचौलियों के सिंडिकेट को बढ़ावा न देकर सीधे कलेक्ट्रेट पंजीकृत अनाथालयों व पात्र व्यक्तियों को ही दान विलेख सुपुर्द करें। यदि आपके ब्लॉक, वार्ड, या सुरक्षित मंदिर परिक्षेत्रों के भीतर असामाजिक तत्वों द्वारा श्रद्धालुओं से अभद्रता की विसंगति, मादक पदार्थों की अमर्यादित बिक्री, या कलेक्ट्रेट सुरक्षा मानकों की खुली अवहेलना परिलक्षित हो, तो मूकदर्शक न रहें; तत्काल इसकी प्रामाणिक डिजिटल सूचना स्थानीय हल्का दरोगा, संबंधित क्षेत्राधिकारी कार्यालय या नोडल पुलिस आपातकालीन रिस्पॉन्स कमान नंबर '112' पर प्रेषित करें। आपकी समयबद्ध सजगता ही सुशासित व पारदर्शी लखनऊ के सुरक्षित व संस्कारित समाज की अभेद्य ढाल है।
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शाहजहांपुर
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