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नकली व अमानक कीटनाशकों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 26 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, 5 नमूने जांच के लिए भेजे

 

ब्यूरो चीफ प्रमोद मिश्रा, बलरामपुर ✍️

बलरामपुर। किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराने तथा नकली एवं अमानक कीटनाशकों की बिक्री पर रोक लगाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने जनपदभर में विशेष अभियान चलाया। जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन के निर्देश पर गठित संयुक्त टीमों ने विभिन्न क्षेत्रों में कीटनाशक विक्रेताओं, निजी गन्ना समितियों एवं चीनी मिल केंद्रों का सघन निरीक्षण किया।

अभियान के दौरान 26 कीटनाशी विक्रेताओं, निजी गन्ना समितियों एवं चीनी मिल केंद्रों का संयुक्त निरीक्षण किया गया। टीमों ने विक्रय लाइसेंस, स्टॉक रजिस्टर, क्रय-विक्रय अभिलेख, भंडारण व्यवस्था तथा कीटनाशकों की गुणवत्ता का गहन परीक्षण करते हुए यह सुनिश्चित किया कि किसानों को केवल अनुमोदित एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पाद ही उपलब्ध कराए जाएं।

निरीक्षण के दौरान कीटनाशी अधिनियम, 1968 एवं कीटनाशी नियमावली, 1971 के तहत 5 संदिग्ध कीटनाशक नमूने संग्रहित कर प्रयोगशाला भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं एवं कंपनियों के विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

इसके अलावा अभिलेखों एवं निर्धारित मानकों में अनियमितता पाए जाने पर 4 कीटनाशी विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उनसे निर्धारित अवधि में स्पष्टीकरण मांगा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने अथवा अनियमितता सिद्ध होने पर उनके लाइसेंस निलंबित किए जा सकते हैं।

जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने बताया कि नकली एवं अधोमानक कीटनाशकों का उपयोग फसलों, मिट्टी और पर्यावरण के लिए नुकसानदायक होता है। इससे कीटों में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, किसानों की लागत बढ़ती है और उत्पादन प्रभावित होता है। इसलिए गुणवत्तापूर्ण कृषि आदानों की उपलब्धता विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने किसानों से अपील की कि वे केवल लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही कीटनाशक खरीदें, खरीद का पक्का बिल अवश्य लें और किसी भी संदिग्ध या नकली उत्पाद की सूचना तुरंत कृषि विभाग को दें।

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