प्रभारी मंत्री नरेंद्र कश्यप ने की बाढ़ तैयारियों की समीक्षा, अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश

 

स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव उत्तर प्रदेश ✍️

शाहजहाँपुर, 22 अगस्त 2026। प्रदेश सरकार के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के मंत्री एवं जनपद के प्रभारी मंत्री श्री नरेंद्र कश्यप की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में बाढ़ से संबंधित तैयारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रभारी मंत्री ने संबंधित अधिकारियों से बाढ़ से निपटने की तैयारियों की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में अधिशासी अभियंता सिंचाई ने बताया कि आगामी एक सप्ताह तक जनपद में बाढ़ का कोई जोखिम नहीं है। प्रभारी मंत्री ने कहा कि वर्तमान स्थिति सामान्य है, फिर भी संभावित बाढ़ को देखते हुए सभी तैयारियां पहले से सुनिश्चित रखी जाएं और व्यवस्थाओं का नियमित सत्यापन किया जाए।

उन्होंने बाढ़ संभावित एवं पूर्व में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर संवेदनशील स्थलों को चिन्हित करने तथा बाढ़ शरणालयों में आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों में किसी प्रकार की लापरवाही न हो और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई के लिए सभी संसाधन तैयार रखे जाएं।

71 बाढ़ चौकियां और 60 राहत शरणालय चिन्हित

अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार ने बताया कि जनपद में 71 बाढ़ चौकियां चिन्हित हैं। इनमें सदर में 17, तिलहर में 25, पुवायाँ में 6, जलालाबाद में 13 तथा कलान में 10 बाढ़ चौकियां शामिल हैं।

इसी प्रकार जनपद में 60 राहत शरणालय चिन्हित किए गए हैं, जिनमें सदर में 40, तिलहर में 6, पुवायाँ में 6, जलालाबाद में 4 तथा कलान में 4 शरणालय शामिल हैं। इनकी कुल क्षमता करीब 40 हजार लोगों के ठहरने की बताई गई है।

पशुओं की सुरक्षा के लिए 11 पशु शिविर चिन्हित किए गए हैं, जिनकी क्षमता लगभग 5 हजार पशुओं की है। इसके अलावा 80 नाव एवं 15 मोटर बोट चिन्हित की गई हैं, जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर चयनित फर्म द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा।

एनडीआरएफ और पीएसी की टीम तैनात

बैठक में बताया गया कि तहसील कलान के पास इमरजेंसी इसेंसियल रिसोर्स रिजर्व किट मोटर बोट एवं अन्य आधुनिक उपकरणों के साथ उपलब्ध है। जनपद में 20 गोताखोर, 7 मेडिकल टीमें, 30 चिकित्सक, 60 पर्यवेक्षक और 131 कर्मचारी तैनात किए गए हैं।

जनपद में एनडीआरएफ की एक टीम तथा पीएसी की डेढ़ सेक्शन टीम हनुमत धाम पर प्री-डिप्लॉयड है। इसके साथ ही 100 आपदा मित्र प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं, जिनकी आवश्यकता के अनुसार मदद ली जाएगी।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा समितियां गठित

जनपद के 14 बाढ़ प्रभावित गांवों में बाढ़ सुरक्षा समितियों का गठन किया जा चुका है। बाढ़ राहत किट, नाव एवं मोटर बोट, शेल्टर होम में लॉजिस्टिक व्यवस्था तथा लंच पैकेट की व्यवस्था के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। बाढ़ के दौरान पशुओं को भूसा एवं चारा उपलब्ध कराने के लिए भी टेंडर पूरा किया जा चुका है।

बैठक में बताया गया कि जनपद में बाढ़ बचाव की 6 नवीन परियोजनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा फ्लड फाइटिंग के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं।

नदियों और तटबंधों की भी हुई समीक्षा

जनपद में गंगा, रामगंगा, खन्नौत, गर्रा, गोमती एवं बहगुल प्रमुख नदियां हैं। इसके अलावा कैमुआ, डबरी, भक्सी और अरिल आदि नालों के कारण जलप्लावन की स्थिति उत्पन्न होने की संभावना रहती है।

गंगा नदी के बाएं किनारे पर मिर्जापुर ब्लॉक के गांवों की सुरक्षा के लिए भैसार ढाई घाट तटबंध बनाया गया है, जिसकी लंबाई 14.560 किलोमीटर तथा लाभान्वित क्षेत्र 1400 हेक्टेयर है। गर्रा नदी के दाएं किनारे पर तहसील सदर में अजीजगंज तटबंध है, जिसकी लंबाई 1.50 किलोमीटर और लाभान्वित क्षेत्र 95 हेक्टेयर है।

24 घंटे संचालित है कंट्रोल रूम

प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को जनता से निरंतर संवाद बनाए रखने और उनकी समस्याओं एवं सुझावों को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए। मौसम संबंधी चेतावनियों के लिए जनपद एवं तहसील स्तर पर व्हाट्सऐप ग्रुप बनाए गए हैं। विभिन्न सोशल मीडिया माध्यमों से भी चेतावनियां प्रसारित की जा रही हैं।

जनपद में बाढ़ एवं आपदा संबंधी सहायता के लिए 24×7 कंट्रोल रूम संचालित है। प्रेस विज्ञप्ति में दिए गए संपर्क नंबर 05842-462754, 351037 एवं 351038 हैं।

प्रभारी मंत्री ने कहा कि वर्तमान में स्थिति सामान्य है, लेकिन संभावित बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन को पहले से पूरी तरह तैयार और सतर्क रहना चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू किए जा सकें।

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