ब्यूरो रिपोर्ट बाल किशन ✍️
आधे गांव के आवागमन पर संकट, एंबुलेंस-पुलिस और फायर ब्रिगेड की आवाजाही को लेकर उठे सवाल
उन्नाव। बिहार थाना क्षेत्र के पल्हेपुर गांव में सार्वजनिक रास्ता और खड़ंजा कथित रूप से बंद किए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीण प्रमोद विजय पाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शिकायती पत्र भेजकर मामले में कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि गांव के सार्वजनिक रास्ते को शिवशंकर पुत्र गंगा सागर द्वारा बाउंड्रीवाल बनाकर कथित रूप से बंद कर दिया गया है। इसके चलते गांव की करीब 50 प्रतिशत आबादी को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीण के मुताबिक, गांव के बीच से गुजरने वाले मुख्य मार्ग पर खड़ंजा हटाकर पिलर खड़े किए जाने का भी आरोप है। रास्ता बंद होने से ग्रामीणों के रोजमर्रा के आवागमन के साथ-साथ आपातकालीन सेवाओं को लेकर भी चिंता जताई जा रही है।
❓ आपात स्थिति में कैसे पहुंचेगी एंबुलेंस?
ग्रामीणों का कहना है कि यदि गांव में किसी व्यक्ति की तबीयत अचानक बिगड़ती है या आगजनी जैसी कोई घटना होती है, तो एंबुलेंस, पुलिस और फायर ब्रिगेड के वाहनों की पहुंच प्रभावित हो सकती है।
शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री से मामले का संज्ञान लेकर जांच कराने, सार्वजनिक रास्ता खुलवाने और ग्रामीणों को राहत दिलाने की मांग की है।
हालांकि, रास्ता बंद किए जाने संबंधी आरोपों की वास्तविक स्थिति संबंधित प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।