डीएम ने किया उच्च मूल्य के विलेखों का स्थलीय निरीक्षण, संपत्तियों की वास्तविक स्थिति का लिया जायजा

 

ब्यूरो चीफ प्रमोद मिश्रा बलरामपुर ✍️

स्टाम्प शुल्क में करापवंचन पर अंकुश लगाने के निर्देश, बड़े मूल्य के विलेखों की नियमित जांच पर जोर

बलरामपुर। जनपद में स्टाम्प एवं पंजीकरण प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा स्टाम्प शुल्क के संभावित करापवंचन पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने उपनिबंधक कार्यालय सदर से संबंधित उच्च मूल्य के विलेखों का स्थलीय निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अभिलेखों में दर्ज संपत्तियों की प्रकृति, उपयोग एवं मौके की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया।

तीन उच्च मूल्य के विलेखों की जांच

जिलाधिकारी ने सदर उपनिबंधक कार्यालय के अर्द्धनगरीय क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम महादेव मिश्र में पंजीकृत दो उच्च मूल्य के विलेखों का स्थलीय निरीक्षण किया।

लेखपत्र संख्या 6395/2026 की मालियत ₹3,21,57,000 दर्ज है और संपत्ति की प्रकृति आवासीय बताई गई है। जिलाधिकारी ने मौके पर संपत्ति की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण किया।

इसके अलावा लेखपत्र संख्या 6396/2026, जिसकी मालियत ₹10,27,02,000 है, की भी जांच की गई। मौके पर स्थापित इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप एवं व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स की स्थिति का निरीक्षण करते हुए अभिलेखों में दर्ज विवरण और संपत्ति के वास्तविक उपयोग का जायजा लिया गया। इसी क्रम में व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स से लगे नगरीय क्षेत्र के रिहायशी मकान का भी निरीक्षण किया गया।

इसके बाद जिलाधिकारी ने नगरीय क्षेत्र के मोहल्ला अचलापुर, सिविल लाइन स्थित लेखपत्र संख्या 5995/2026 का स्थलीय निरीक्षण किया। इसकी मालियत ₹4,73,83,000 है। संपत्ति में दो मंजिला रिहायशी मकान एवं खाली भूमि शामिल है।

राजस्व हितों की सुरक्षा के निर्देश

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि बड़े मूल्य के विलेखों की नियमित स्थलीय जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि संपत्ति की वास्तविक प्रकृति एवं उपयोग के अनुरूप उचित स्टाम्प शुल्क का निर्धारण हो सके।

उन्होंने कहा कि पंजीकरण प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बरतते हुए शासन के राजस्व हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। यदि जांच के दौरान स्टाम्प शुल्क में कमी, संपत्ति के वास्तविक स्वरूप एवं अभिलेखों में दर्ज विवरण में अंतर अथवा किसी अन्य अनियमितता के कारण राजस्व क्षति सामने आती है, तो संबंधित प्रकरण में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए।

जिलाधिकारी ने स्टाम्प एवं पंजीकरण विभाग के अधिकारियों को उच्च मूल्य की संपत्तियों एवं विलेखों की सतत निगरानी तथा नियमित जांच के माध्यम से करापवंचन पर प्रभावी अंकुश लगाने के निर्देश दिए।

इस दौरान एआईजी स्टाम्प सुनील कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

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