ब्यूरो चीफ प्रमोद मिश्रा बलरामपुर ✍️
रसोइयों को ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज, पोशाक के लिए ₹1 हजार और दुर्घटना बीमा का भी लाभ
बलरामपुर। उतरौला तहसील कस्बे के एक निजी हॉल में रसोइया सम्मान समारोह एवं कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उतरौला तहसील क्षेत्र के चारों विकासखंड गैड़ास बुजुर्ग, रेहरा बाजार, श्रीदत्तगंज एवं उतरौला के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों को प्रतीकात्मक रूप से कैशलेस चिकित्सा कार्ड एवं बढ़े हुए मानदेय की राशि का चेक प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम से पहले उपस्थित रसोइयों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन का सजीव प्रसारण देखा। मुख्यमंत्री द्वारा रसोइयों के मानदेय में ₹1,000 की वृद्धि, प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक कैशलेस चिकित्सा सुविधा, पोशाक के लिए ₹1,000 वार्षिक तथा भारतीय स्टेट बैंक एवं बेसिक शिक्षा परिषद के एमओयू के तहत ₹2 लाख के निःशुल्क दुर्घटना बीमा की घोषणा किए जाने पर कार्यक्रम स्थल तालियों से गूंज उठा।
सरकार का निर्णय रसोइयों के हित में सराहनीय: अनूप चंद गुप्ता
विशिष्ट अतिथि नगरपालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि अनूप चंद गुप्ता ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा परिषदीय विद्यालयों में सेवा दे रहे रसोइयों के हित में लिया गया निर्णय सराहनीय है। मानदेय में वृद्धि के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा की सुविधा मिलने से रसोइयों एवं उनके परिवारों को बड़ा संबल मिलेगा।
गैड़ास बुजुर्ग ब्लॉक प्रमुख राकेश तिवारी ने कहा कि रसोइया परिषदीय विद्यालयों की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और बच्चों के पोषण में उनकी अहम भूमिका है। सरकार की इस पहल से उनका आत्मसम्मान बढ़ा है और उनकी वर्षों पुरानी मांगों को पूरा करने की दिशा में कदम उठाया गया है।
स्वास्थ्य सुविधाएं बनीं सुरक्षा कवच
खंड शिक्षा अधिकारी डॉ. स्वामीनाथ ने विभाग की ओर से प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने रसोइयों के मानदेय में वृद्धि एवं पोशाक के लिए दी जाने वाली राशि का स्वागत करते हुए कहा कि कैशलेस चिकित्सा कार्ड और दुर्घटना बीमा जैसी योजनाएं विपरीत परिस्थितियों में रसोइयों और उनके परिवारों के लिए सुरक्षा कवच का काम करेंगी।
बड़ी संख्या में शिक्षक और रसोइया रहे मौजूद
कार्यक्रम का मंच संचालन शिक्षक मोहम्मद उस्मान ने किया। आयोजन को सफल बनाने में शिक्षक शिवकुमार एवं हामिद अली चौधरी की सराहनीय भूमिका रही।
इस अवसर पर एआरपी जितेंद्र श्रीवास्तव, विनोद कुमार यादव, रामलाल शर्मा, विक्रम सिंह, कृष्ण कुमार, रविकांत चौधरी, मोहम्मद हारुन, प्रेमचंद शर्मा, अरविंद गुप्ता, मनोज कुमार, विकास कुमार, पल्लवी सक्सेना, रामजी यादव, भगवानदिन वर्मा, अमर सिंह, अरविंद यादव, नान बाबू, मुस्तफा रज़ा, अनवार अहमद, शबी अहमद, विनय कुमार एवं बच्चाराम सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं रसोइया मौजूद रहे।
