शाहजहांपुर में उद्यान विकास योजनाओं को लेकर जिला मिशन समिति की बैठक, आलू निर्यात बढ़ाने पर जोर

 

स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव उत्तर प्रदेश ✍️

सीडीओ उत्कर्ष द्विवेदी ने आलू क्लस्टर और एफपीओ गठन के दिए निर्देश, किसानों को योजनाओं का लाभ दिलाने पर जोर

शाहजहांपुर। उद्यान विभाग के अधीन संचालित विभिन्न औद्यानिक विकास योजनाओं के भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्यों की पूर्ति को लेकर बिस्मिल सभागार, कलेक्ट्रेट परिसर में जिला मिशन समिति एवं जिला स्तरीय समन्वय एवं अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी उत्कर्ष द्विवेदी ने की।

बैठक में जिला उद्यान अधिकारी पुनीत कुमार पाठक ने उद्यान विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति और निर्धारित लक्ष्यों की जानकारी समिति के सदस्यों को दी। उन्होंने बताया कि एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH), मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना (CMSHM) तथा अनुसूचित जाति/जनजाति कृषकों के लिए संचालित औद्यानिक विकास योजनाओं के तहत नवीन उद्यान रोपण, सब्जी क्षेत्र विस्तार, पुष्प एवं मसाला क्षेत्र विस्तार, मौनपालन, मशरूम उत्पादन यूनिट और सब्जियों के लिए मचान आदि कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

माइक्रो इरीगेशन पर किसानों को अनुदान

बैठक में पर ड्रॉप मोर क्रॉप माइक्रो इरीगेशन योजना की भी जानकारी दी गई। इसके तहत किसानों के खेतों में ड्रिप सिंचाई सिस्टम, रेनगन, मिनी स्प्रिंकलर और पोर्टेबल स्प्रिंकलर सिस्टम स्थापित कराए जाने का प्रावधान है।

विभाग के अनुसार ड्रिप/मिनी स्प्रिंकलर सिस्टम के लिए लघु एवं सीमांत किसानों को 90 प्रतिशत तथा अन्य किसानों को 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है। वहीं पोर्टेबल स्प्रिंकलर के लिए लघु एवं सीमांत किसानों को 75 प्रतिशत और अन्य किसानों को 65 प्रतिशत तक अनुदान की सुविधा उपलब्ध है।

आलू उत्पादकों के लिए भाव स्थिरता योजना

जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में आलू उत्पादक किसानों के लिए भामाशाह भाव स्थिरता कोष की स्थापना तथा निजी शीतगृहों में भंडारित आलू के भंडारण प्रभार पर अनुदान की योजना संचालित की गई है।

योजना के तहत प्रति किसान अधिकतम 2 हेक्टेयर आलू रोपित क्षेत्रफल अथवा प्रति हेक्टेयर 240 क्विंटल अधिकतम आलू उत्पादन के आधार पर अधिकतम 20 हजार रुपये प्रति किसान देय है। अनुदान की गणना आलू उत्पादन लागत के 25 प्रतिशत अथवा उत्पादन लागत और बिक्री दर के अंतर में से जो कम हो, उसके आधार पर की जाएगी। योजना का लाभ एफएक्यू गुणवत्ता के आलू पर देय बताया गया है।

आलू निर्यात को बढ़ावा देने के निर्देश

बैठक में उत्तर प्रदेश राज्य औद्यानिक निर्यात प्रोत्साहन योजना पर भी चर्चा हुई। इसका उद्देश्य औद्यानिक फसलों की मांग को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाकर किसानों की आय में वृद्धि करना है।

सीडीओ उत्कर्ष द्विवेदी ने उद्यान विभाग की योजनाओं का अनुमोदन करते हुए निर्देश दिया कि आलू उत्पादक किसानों के लिए क्लस्टर विकसित किए जाएं और अधिक से अधिक किसान उत्पादक संगठन (FPO) गठित किए जाएं। उन्होंने सभी पात्र आलू उत्पादकों को भाव स्थिरता कोष की योजना का लाभ दिलाने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने निजी शीतगृहों में भंडारित आलू के भंडारण प्रभार पर अनुदान योजना के लिए किसानों का पंजीकरण शीतगृह स्तर पर ही सुनिश्चित कराने को कहा। साथ ही आलू किसानों को जैविक खेती की ओर प्रोत्साहित करने तथा निर्यात बढ़ाने के लिए कृषि, कृषि रक्षा, एपीडा और निजी शीतगृह संचालकों के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए।

बैठक में उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी, जिला कृषि रक्षा अधिकारी, मंडी सचिव, ज्येष्ठ कृषि विपणन निरीक्षक, एपीडा के प्रतिनिधि, लोक निर्माण विभाग एवं विद्युत विभाग के अधिकारी, निजी शीतगृह संचालक, कृषक तथा उद्यान विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।

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