घरों में घुसा बाढ़ का पानी, संपर्क मार्ग डूबे; धान, गन्ना, उड़द और मक्का की फसलें प्रभावित
ब्यूरो रिपोर्ट पप्पू चौहान सीतापुर ✍️
सकरन/सीतापुर। विकासखंड सकरन क्षेत्र में पिछले करीब 15 दिनों से किवानी नदी का जलस्तर बढ़ने और नदी-नालों के उफान पर आने से कई ग्राम पंचायतें बाढ़ की चपेट में आ गई हैं। देवतापुर, किरतापुर, शाहपुर, उल्लहा, रेवनिया समेत कई गांवों में बाढ़ का पानी पहुंचने से ग्रामीणों के सामने मुश्किलें बढ़ गई हैं।
घरों में घुसा पानी, छतों पर शरण लेने को मजबूर ग्रामीण
ग्रामीणों के अनुसार देवतापुर गांव में कई घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। पानी बढ़ने के कारण प्रभावित परिवारों को ऊंचे स्थानों और घरों की छतों पर शरण लेनी पड़ रही है।
वहीं किरतापुर में गांव को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग पूरी तरह पानी में डूब गया है। इसके चलते ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हो गया है और रोजमर्रा के कामों के लिए लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न
उल्लहा और आसपास की ग्राम पंचायतों में बाढ़ के पानी से धान, गन्ना, उड़द और मक्का समेत कई फसलें जलमग्न हो गई हैं। किसानों को फसलों के बड़े पैमाने पर नुकसान की आशंका है।
ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय तक खेतों में पानी भरा रहने से फसलों को भारी नुकसान हो सकता है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति प्रभावित होने की चिंता बढ़ गई है।
जल निकासी की व्यवस्था पर उठे सवाल
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में नालों की नियमित सफाई और जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण हर वर्ष बारिश और नदी का जलस्तर बढ़ने पर ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है।
बाढ़ के कारण कई गांवों में पेयजल और बिजली की समस्या भी पैदा हो गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित गांवों में राहत एवं बचाव व्यवस्था मजबूत करने तथा जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है।

