भूमि विवादों के त्वरित और प्रभावी निस्तारण के लिए राजस्व-पुलिस अधिकारियों की संयुक्त बैठक

डीएम ने अवैध कब्जे के मामलों में तत्काल कार्रवाई और पुराने विवादों की सूची तैयार करने के दिए निर्देश

स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव उत्तर प्रदेश ✍️

शाहजहाँपुर, 15 सितंबर 2026। जनपद में भूमि विवादों के प्रभावी, निष्पक्ष एवं स्थायी निस्तारण को लेकर जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में राजस्व एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में लंबित भूमि विवादों की समीक्षा के साथ उनके समयबद्ध निस्तारण के लिए कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।

भूमि विवादों के प्रमुख कारणों पर हुई चर्चा

बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन रजनीश कुमार मिश्र ने पीपीटी के माध्यम से भूमि विवादों के प्रमुख कारणों, लंबित प्रकरणों एवं उनके निस्तारण की कार्ययोजना पर जानकारी दी।

बैठक में बताया गया कि भूमि विवादों में मुख्य रूप से सीमा एवं मेड़, अवैध कब्जा, सह-खातेदारी एवं बंटवारा, रास्ते तथा सिंचाई के साधनों से जुड़े मामले सामने आते हैं। ऐसे मामलों में राजस्व संहिता की धारा 24 के अंतर्गत सीमांकन/पैमाइश तथा धारा 116 के अंतर्गत सह-खातेदारों के बंटवारे की व्यवस्था है।

अवैध कब्जे पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि भूमि पर अवैध कब्जे से संबंधित मामलों में राजस्व एवं पुलिस विभाग आपसी समन्वय के साथ तत्काल प्रभावी कार्रवाई करें।

उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति द्वारा ऐसी भूमि पर कब्जा किया गया है जो उसके आसपास स्थित नहीं है, तो नियमानुसार एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाए तथा वास्तविक खातेदार को कब्जा दिलाने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। ऐसे मामलों में भू-माफिया के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

सह-खातेदारी के मामलों में एकतरफा कब्जे पर रोक

बैठक में स्पष्ट किया गया कि विधिवत बंटवारा होने तक प्रत्येक सह-खातेदार का संयुक्त भूमि पर अधिकार रहता है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि विवादित सह-खातेदारी की भूमि पर किसी एक पक्ष द्वारा एकतरफा निर्माण अथवा कब्जे की स्थिति उत्पन्न न होने दी जाए।

संबंधित पक्षों को नियमानुसार बंटवारा कराने की सलाह देने तथा विवादों का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

राजस्व-पुलिस की संयुक्त टीम करेगी मौके पर सत्यापन

जिलाधिकारी ने राजस्व निरीक्षक एवं संबंधित पुलिस उपनिरीक्षक की संयुक्त टीम गठित कर भूमि विवादों की पहचान, मौके पर सत्यापन एवं निस्तारण के निर्देश दिए।

प्रत्येक थाना एवं तहसील स्तर पर लंबित तथा पुराने भूमि विवादों की सूची तैयार कर उनका नियमित अनुश्रवण करने को कहा गया। थाना दिवस, तहसील दिवस और आईजीआरएस के माध्यम से प्राप्त भूमि विवादों को भी इस सूची में शामिल किया जाएगा।

आदेशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश

डीएम ने निर्देश दिए कि धारा 24, धारा 116 अथवा सक्षम प्राधिकारी द्वारा पारित आदेशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। जिन मामलों का स्थानीय स्तर पर समाधान संभव न हो, उन्हें एसडीएम, तहसीलदार एवं क्षेत्राधिकारी स्तर पर संदर्भित करने के निर्देश दिए गए।

संवेदनशील मामलों में पर्याप्त पुलिस बल के साथ मौके पर कार्रवाई करने पर भी जोर दिया गया।

निष्पक्षता और पारदर्शिता से कार्रवाई पर जोर

पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित ने कहा कि आईजीआरएस एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त भूमि विवादों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण बेहद महत्वपूर्ण है। न्यायालय में विचाराधीन मामलों में संबंधित दस्तावेजों को रिपोर्ट के साथ संलग्न करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने थाना दिवस एवं तहसील दिवस से पहले लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर संबंधित पक्षों को बुलाकर प्रभावी निस्तारण की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं समान व्यवहार के साथ कार्य करने तथा किसी भी प्रकार के पक्षपात अथवा अनावश्यक दबाव से मुक्त होकर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

बैठक में निस्तारित भूमि विवादों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर भी जोर दिया गया, ताकि आमजन में प्रशासन के प्रति विश्वास मजबूत हो और भूमि विवादों के कारण उत्पन्न होने वाले विवादों को समय रहते रोका जा सके।

बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार, अपर जिलाधिकारी न्यायिक आवेश सहित संबंधित राजस्व निरीक्षक, पुलिस क्षेत्राधिकारी एवं पुलिस उपनिरीक्षक मौजूद रहे।

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