भगवान विश्वकर्मा जयंती पर कलेक्ट्रेट में कार्यक्रम, युवाओं को मिले स्वरोजगार के अवसर और कारीगरों को टूलकिट

 


ब्यूरो रिपोर्ट प्रमोद मिश्रा

बलरामपुर। भगवान विश्वकर्मा जयंती एवं सेवा संकल्प अभियान के अवसर पर कलेक्ट्रेट सभागार, बलरामपुर में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग के तत्वावधान में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण किया गया, जिसे उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, उद्यमियों एवं विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों ने देखा तथा मुख्यमंत्री का संबोधन सुना।

कार्यक्रम में विधायक बलरामपुर पल्टूराम, भाजपा जिलाध्यक्ष रवि मिश्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री आरती तिवारी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, विभागीय अधिकारी, उद्यमी एवं लाभार्थी मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अंतर्गत 10 लाभार्थियों को चेक प्रदान किए गए। इसके माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार एवं उद्यम स्थापना के लिए प्रोत्साहित किया गया। लाभार्थियों में अजय कुमार पाल को इलेक्ट्रॉनिक गुड्स रिपेयरिंग, सुश्री पूजा गुप्ता को ब्यूटी पार्लर, कृष्ण कुमार मिश्रा को ई-रिक्शा, सर्वेश यादव को वेल्डिंग सेंटर, गोविन्द चौहान को डी.जे. सिस्टम एवं सर्विसेज, कुलभूषण पाण्डेय को फोटो स्टूडियो, युगदीप श्रीवास्तव को अगरबत्ती मेकिंग यूनिट, अखिलेश कुमार तिवारी को मिनी फ्लोर मिल (आटा चक्की), जितेन्द्र कुमार वर्मा को ई-रिक्शा तथा दुर्गेश चौरसिया को रेस्टोरेंट स्थापना के लिए सहायता प्रदान की गई।


इसी क्रम में विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में मदर्जी ट्रेड के पांच लाभार्थियों—आशा वर्मा, नूरजहां, पूजा कश्यप, शिवानी गुप्ता एवं गौरी—को टूलकिट प्रदान की गई। योजना के माध्यम से पारंपरिक कारीगरों एवं हस्तशिल्पियों को प्रशिक्षण तथा आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराकर उनके कौशल को आजीविका एवं स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

कार्यक्रम में जनपद में उद्यम एवं रोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले उद्यमियों को भी सम्मानित किया गया। सम्मानित उद्यमियों में प्रीतम सिंधी–मेसर्स जय उद्योग, श्यामल केसरवानी–मेसर्स बाबा श्याम जी उद्योग प्रा.लि./राइस मिल, उमेश चन्द्र अग्रवाल–मेसर्स कुमार मसाला उद्योग, रजीउद्दीन खान–मेसर्स बलरामपुर दिल्ली बेकरी प्रा.लि. तथा श्रीमती ऋचा पाण्डेय–श्रीजा बुटीक शामिल रहीं।

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने, पारंपरिक कारीगरों के कौशल को प्रोत्साहित करने तथा सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को बढ़ावा देने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। लाभार्थियों को योजनाओं से प्राप्त सहायता का सदुपयोग करते हुए अपने उद्यम को आगे बढ़ाने तथा भविष्य में अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए प्रेरित किया गया।

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