जनुवाँ ग्राम पंचायत में मनरेगा कार्य को लेकर शिकायत, खेत में पौधे लगाए बिना भुगतान का आरोप

 

शिकायतकर्ता ने बीडीओ को सौंपा शिकायती पत्र, स्थलीय निरीक्षण और मस्टर रोल व भुगतान अभिलेखों की जांच की मांग

ब्यूरो रिपोर्ट निर्मल यादव सीतापुर ✍️

बिसवां, सीतापुर। विकासखंड बिसवां की ग्राम पंचायत जनुवाँ में मनरेगा के तहत कराए गए वृक्षारोपण कार्य को लेकर शिकायत सामने आई है। ग्राम पंचायत के पैन्दापुर मजरा जनुवाँ निवासी राम मिलन पुत्र खगेश्वर ने खंड विकास अधिकारी, बिसवां को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि उनके खेत में वृक्षारोपण कार्य दर्शाकर सरकारी धनराशि का भुगतान किया गया, जबकि मौके पर एक भी पौधा लगाए जाने की जानकारी उन्हें नहीं है।

ऑनलाइन अभिलेखों में दर्ज है वृक्षारोपण कार्य

शिकायतकर्ता के अनुसार, ऑनलाइन मनरेगा अभिलेखों में उनके खेत के नाम से “RAM MILAN KE KHET ME PLANTATION KARYA” के नाम से वृक्षारोपण कार्य दर्ज है। उनका आरोप है कि इस कार्य के नाम पर धनराशि भी निकाली गई है।

राम मिलन का कहना है कि संबंधित भूमि के गाटा संख्या 642, 735 मि., 771 और 789 में वह सह-खातेदार हैं। उनका यह भी दावा है कि जनुवाँ में उनके अलावा इसी नाम का कोई अन्य भूमिधर नहीं है।

इसी आधार पर शिकायतकर्ता ने सवाल उठाते हुए पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।

स्थलीय सत्यापन और अभिलेखों की जांच की मांग

शिकायतकर्ता ने खंड विकास अधिकारी से मामले की जांच कराते हुए निम्न बिंदुओं का सत्यापन कराने की मांग की है—

  • संबंधित खेतों का स्थलीय निरीक्षण एवं भौतिक सत्यापन कराया जाए।
  • मनरेगा के मस्टर रोल और एमबी की जांच की जाए।
  • कार्य से संबंधित भुगतान विवरण की जांच कराई जाए।
  • यह स्पष्ट किया जाए कि कार्य के नाम पर धनराशि किसके नाम से निकाली गई
  • यदि अनियमितता की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
  • सरकारी धन की नियमानुसार वसूली कराई जाए।

9 सितंबर को बीडीओ को दिया गया शिकायती पत्र

शिकायतकर्ता के अनुसार, मामले की जांच के लिए 9 सितंबर 2026 को खंड विकास अधिकारी, बिसवां को प्रार्थना पत्र सौंपा गया है।

फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक जांच एवं स्थलीय सत्यापन के परिणाम सामने आना बाकी है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि अभिलेखों में दर्ज वृक्षारोपण कार्य वास्तव में मौके पर कराया गया था अथवा नहीं और भुगतान किस प्रक्रिया के तहत किया गया।

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