ब्यूरो चीफ आमिर मिर्जा, प्रयागराज ✍️
प्रयागराज। जिले में लिफ्ट देने के बहाने एक व्यक्ति को स्कॉर्पियो में बैठाकर लूटने का मामला सामने आया है। आरोप है कि सफेद स्कॉर्पियो में सवार तीन लोगों ने पीड़ित का बटुआ छीन लिया और उन्हें रास्ते में उतारकर फरार हो गए। बटुए में करीब 10 हजार रुपये नकद के साथ आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य जरूरी दस्तावेज रखे थे। पीड़ित ने पुलिस पर शिकायत के बावजूद प्राथमिकी दर्ज नहीं करने का आरोप लगाया है।
रायबरेली छोड़ने का झांसा देकर बैठाया
अमेठी जिले के राजापुर गांव निवासी 57 वर्षीय शंभूशरण सिंह के मुताबिक, वह 21 अक्टूबर को तेलियरगंज स्थित अस्पताल में अपने बीमार रिश्तेदार को देखने प्रयागराज आए थे। वापस लौटने के बाद उन्हें रायबरेली जाना था। दोपहर करीब एक बजे वह शांतिपुरम चौकी के पास वाहन का इंतजार कर रहे थे।
इसी दौरान एक सफेद स्कॉर्पियो उनके पास आकर रुकी। पीड़ित का कहना है कि चालक ने रायबरेली छोड़ने का भरोसा दिलाया, जिसके बाद वह गाड़ी की अगली सीट पर बैठ गए। कुछ दूर आगे बढ़ने पर दो अन्य युवक भी गाड़ी में सवार हो गए।
विरोध के बावजूद बटुआ छीनकर रास्ते में उतारा
शंभूशरण सिंह का आरोप है कि स्कॉर्पियो में सवार तीनों लोगों ने उनका बटुआ छीन लिया। विरोध करने पर भी आरोपियों ने उन्हें रास्ते में उतार दिया और मौके से फरार हो गए। अचानक हुई इस घटना से पीड़ित परेशान हो गए।
नकदी के साथ मां के दस्तावेज भी गायब
पीड़ित के अनुसार, बटुए में करीब 10 हजार रुपये नकद, उनका आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और पैन कार्ड था। इसके अलावा उनकी मां का आधार कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज भी रखे हुए थे। घटना के बाद उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ महत्वपूर्ण दस्तावेजों के गुम होने की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पुलिस पर एफआईआर दर्ज नहीं करने का आरोप
पीड़ित ने बताया कि घटना के बाद वह शांतिपुरम चौकी पहुंचे और पुलिस को पूरी जानकारी दी। उनका आरोप है कि शिकायत को डायरी में दर्ज कर बाद में आने के लिए कहा गया, लेकिन अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है।
पीड़ित और उनके परिवार ने पुलिस से एफआईआर दर्ज करने, स्कॉर्पियो सवार आरोपियों की पहचान करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल, पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही शिकायत पर हुई कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
सच की आवाज़ वेब न्यूज़
