जर्जर विद्यालय भवनों को शीघ्र ध्वस्त कराने के निर्देश, 300 से अधिक छात्र संख्या वाले स्कूलों में लगेंगे सीसीटीवी
स्टेट हेड योगेंद्र सिंह यादव, उत्तर प्रदेश ✍️
शाहजहांपुर। बेसिक शिक्षा विभाग की मासिक समीक्षा बैठक जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में परिषदीय विद्यालयों में विद्यार्थियों के शैक्षिक स्तर, जर्जर भवनों, विद्यालयों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन विद्युत लाइनों, विकास कार्यों, कस्तूरबा गांधी विद्यालयों, जन्म प्रमाण पत्र और विद्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था समेत विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सभी कार्यों में तेजी लाने के साथ गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
12,804 विद्यार्थी सी, डी और ई ग्रेड में
गत माह आयोजित नेट मॉक टेस्ट की समीक्षा में जनपद के 12,804 विद्यार्थी सी, डी एवं ई ग्रेड में पाए गए। जिलाधिकारी ने प्रत्येक विकासखंड के खराब प्रदर्शन वाले पांच विद्यालयों के प्रधानाचार्यों से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए।
वहीं, जिन विकासखंडों में एक हजार से अधिक विद्यार्थी सी, डी एवं ई ग्रेड में पाए गए हैं, वहां कलान, भावलखेड़ा, जलालाबाद और ददरौल के खंड शिक्षा अधिकारियों से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।
जिलाधिकारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को कमजोर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के शैक्षिक स्तर में सुधार के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। नेट मॉक टेस्ट में अनुपस्थित विद्यार्थियों की परीक्षा अक्टूबर के अंत तक और जनपद के सभी विद्यार्थियों की पुनः परीक्षा नवंबर के अंतिम सप्ताह में कराने के निर्देश दिए गए।
140 जर्जर भवनों का ध्वस्तीकरण बाकी
समीक्षा में सामने आया कि जनपद में चिन्हित 240 जर्जर विद्यालय भवनों में से अभी तक 100 भवनों का ही ध्वस्तीकरण कराया गया है। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को शेष 140 जर्जर भवनों को शीघ्र ध्वस्त कराने के निर्देश दिए।
213 हाईटेंशन विद्युत लाइनें हटाने के निर्देश
विद्यालय भवनों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन विद्युत लाइनों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को 213 विद्युत लाइनों को हटाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
स्वीकृत विकास कार्य एक सप्ताह में शुरू कराने के निर्देश
परिषदीय विद्यालयों में स्वीकृत विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान खंड विकास अधिकारियों और खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत कार्यों की सूचियों में अंतर पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने दोनों विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए।
राज्य वित्त आयोग एवं अन्य मदों से विद्यालयों में स्वीकृत विकास कार्यों को एक सप्ताह के भीतर शुरू कराने के निर्देश दिए गए।
कस्तूरबा विद्यालयों में गुणवत्ता जांच पर जोर
कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने वार्डन एवं जिला समन्वयकों को निर्देशित किया कि जिन विद्यालयों में डोरमेट्री का निर्माण पूरा हो चुका है, उन्हें हैंडओवर करने से पहले निर्माण कार्य की गुणवत्ता की गहन जांच कराई जाए। कमी पाए जाने पर तत्काल सुधार कराया जाए।
जन्म प्रमाण पत्र के लिए टोल फ्री नंबर की योजना
जिलाधिकारी ने जन्म लेने वाले बच्चों के 21 दिन के भीतर जन्म प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए टोल फ्री नंबर जारी करने की परियोजना पर कार्य करने के निर्देश जिला पंचायत राज अधिकारी को दिए। उन्होंने कहा कि आमजन के लिए जन्म प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया सरल और सुगम होनी चाहिए।
300 से अधिक छात्र संख्या वाले विद्यालयों में लगेंगे चार सीसीटीवी
विद्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि 300 से अधिक छात्र संख्या वाले परिषदीय विद्यालयों में चार सीसीटीवी कैमरों का एक सेट स्थापित किया जाए।
उन्होंने कहा कि सीसीटीवी कैमरों से मध्यान्ह भोजन निर्माण के दौरान होने वाली घटनाओं के साथ ही विद्यालयों में चोरी जैसी घटनाओं पर भी प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी।
गैस एजेंसियों की मनमानी पर जताई नाराजगी
बैठक में जिलाधिकारी को बताया गया कि जनपद की कुछ गैस एजेंसियों द्वारा विद्यालयों को मध्यान्ह भोजन बनाने के लिए गैस कनेक्शन देने में आनाकानी की जा रही है। साथ ही गैस सिलेंडर के साथ रेगुलेटर और पाइप खरीदने का दबाव बनाए जाने की शिकायत भी सामने आई।
जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को जिला पूर्ति अधिकारी से समन्वय कर समस्या का तत्काल समाधान कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन निर्माण के लिए गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने में अनावश्यक बाधा नहीं होनी चाहिए और रेगुलेटर व पाइप के नाम पर धन वसूली की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी उत्कर्ष द्विवेदी, परियोजना निदेशक अवधेश राम, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक हरवंश कुमार, प्राचार्य जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान आशीष चौहान, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जयशंकर श्रीवास्तव सहित समस्त खंड विकास अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, एसआरजी, एआरपी, कस्तूरबा गांधी विद्यालयों की वार्डन एवं जिला समन्वयक मौजूद रहे।

