इलाहाबाद हाईकोर्ट में हंगामे का आरोप, जस्टिस अजय भनोट की कोर्ट में वकीलों के विरोध से मचा तनाव


ब्यूरो चीफ आमिर मिर्ज़ा, प्रयागराज ✍️

प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति अजय भनोट की अदालत को लेकर वकीलों और न्यायालय से जुड़े पक्षों के बीच विवाद सामने आया है। बार एसोसिएशन के 27 अक्टूबर को लिखे पत्र के अनुसार, कोर्ट रूम नंबर 49 में बैठने की व्यवस्था को लेकर शुरू हुआ विवाद बढ़ गया। इस घटनाक्रम को लेकर अधिवक्ताओं ने नाराजगी जताई और मुख्य न्यायाधीश से हस्तक्षेप की मांग की है।

सीट पर बैठने को लेकर शुरू हुआ विवाद

बार एसोसिएशन के पत्र के मुताबिक, अदालत में पुलिस अधिकारियों या अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के बैठने के लिए अलग कुर्सी रखे जाने की व्यवस्था है। आरोप है कि सुनवाई के दौरान पुलिस अधीक्षक स्तर के एक अधिकारी अतिरिक्त सरकारी अधिवक्ता (एजीए) के पीछे वाली पंक्ति में बैठे थे। इस पर एक वकील ने कथित तौर पर अधिकारी से कहा कि वह उनकी निर्धारित सीट नहीं है और उन्हें पीछे बैठना चाहिए।

पत्र के अनुसार, इस बात पर अतिरिक्त सरकारी अधिवक्ता ने संबंधित वकील को फटकार लगाई और न्यायमूर्ति से शिकायत करने की बात कही। इसके बाद जब न्यायमूर्ति अदालत में पहुंचे, तो सरकारी अधिवक्ता ने वकील के खिलाफ शिकायत की।

वकील को जेल भेजने की बात कहने का आरोप

बार एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि शिकायत के बाद न्यायमूर्ति ने वकील की ओर उंगली दिखाते हुए उन्हें जेल भेजने की बात कही। पत्र के मुताबिक, वकील द्वारा माफी मांगने के बाद उनसे पुलिस अधिकारी से भी माफी मांगने को कहा गया। एसोसिएशन ने यह भी दावा किया कि अदालत में मौजूद एक वरिष्ठ अधिवक्ता पर भी टिप्पणी की गई।

इन घटनाओं को अधिवक्ताओं की गरिमा से जुड़ा मामला बताते हुए बार एसोसिएशन ने मुख्य न्यायाधीश से हस्तक्षेप करने की मांग की है।

कार्रवाई नहीं होने पर अदालत के बहिष्कार की चेतावनी

बार एसोसिएशन ने अपने पत्र में कहा है कि यदि उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वह संबंधित न्यायमूर्ति की अदालत का बहिष्कार करने पर विचार कर सकता है।

इस मामले में सामने आए आरोप बार एसोसिएशन के पत्र पर आधारित हैं। घटनाक्रम के सभी पहलुओं और संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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