सीतापुर: सुविधा शुल्क न देने पर बाढ़ पीड़ित किसान का सर्वे छोड़ने का आरोप, अपात्रों को राहत राशि बांटने की शिकायत


सहायक ब्यूरो चीफ सुधीर सिंह कुम्भाणी, सीतापुर ✍️

सकरन, सीतापुर। तहसील बिसवां के सकरन क्षेत्र अंतर्गत ग्राम नसीरपुर अंदूपुर के एक सीमांत किसान ने बाढ़ आपदा राहत वितरण में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है। किसान ने आरोप लगाया है कि सुविधा शुल्क नहीं देने के कारण उसकी बाढ़ से बर्बाद हुई फसल का सर्वे नहीं किया गया, जबकि नुकसान नहीं उठाने वाले कुछ लोगों को सरकारी राहत राशि का लाभ दे दिया गया।

बाढ़ और जलभराव से फसल बर्बाद होने का दावा

शिकायतकर्ता सुधीर कुमार सिंह पुत्र स्वर्गीय महेश्वर सिंह के अनुसार, रसूलपुर बकैया में स्थित उनके खेत में बोई गई मूंगफली, उड़द और तिल की फसल भारी बाढ़ और जलभराव के कारण पूरी तरह नष्ट हो गई। किसान का कहना है कि फसल बर्बाद होने के बाद उन्होंने आपदा राहत पाने के लिए संबंधित स्तर पर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए थे।

लेखपाल के कथित मुंशी पर गंभीर आरोप

किसान ने आरोप लगाया कि उन्होंने ग्राम रसूलपुर के लेखपाल राकेश कुमार के कथित मुंशी को आधार कार्ड, बैंक पासबुक, खसरा-खतौनी और खेत की जीपीएस तस्वीरें उपलब्ध कराई थीं। इसके बावजूद कथित रूप से सुविधा शुल्क नहीं दे पाने के कारण उनके खेत का सर्वे जानबूझकर छोड़ दिया गया।

शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि जिन किसानों की फसलों को नुकसान नहीं हुआ, उन्हें भी अपात्र होने के बावजूद सरकारी राहत राशि का लाभ दिया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों का जवाब सामने आना बाकी है।

मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत, निष्पक्ष जांच की मांग

पीड़ित किसान ने मुख्यमंत्री से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने राजस्व विभाग की टीम से अपने खेत का दोबारा सर्वे कराकर नुकसान का आकलन करने और पात्रता के अनुसार आपदा राहत कोष से आर्थिक सहायता दिलाने की अपील की है।

इसके साथ ही किसान ने संबंधित लेखपाल और उसके कथित मुंशी के विरुद्ध जांच कर दोषी पाए जाने पर कठोर विभागीय कार्रवाई किए जाने की मांग उठाई है।

अब देखना होगा कि शिकायत पर प्रशासन क्या कार्रवाई करता है और बाढ़ से प्रभावित किसान को राहत मिल पाती है या नहीं।

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