स्टेट हेड योगेंद्र सिंह यादव, उत्तर प्रदेश ✍️
शाहजहांपुर, 17 अक्टूबर 2026। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के तहत धान खरीद की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने धान क्रय केंद्रों पर व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने, किसानों को बेहतर सुविधाएं देने और खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि लापरवाही, भ्रष्टाचार और अनियमितता मिलने पर संबंधित अधिकारियों एवं केंद्र प्रभारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सुबह 9 से 10 बजे तक ऑनलाइन उपस्थिति अनिवार्य
बैठक में जिला खाद्य विपणन अधिकारी (डिप्टी आरएमओ) राकेश मोहन पाण्डेय ने शासन की धान खरीद नीति 2026-27 के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी। सभी क्रय केंद्र प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि वे प्रतिदिन सुबह 9:00 बजे से 10:00 बजे के बीच ई-पॉप (e-PoP) डिवाइस के माध्यम से अपनी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराएं। इस व्यवस्था की शासन स्तर से निगरानी की जा रही है।
जिलाधिकारी ने अनुपस्थित रहने वाले केंद्र प्रभारियों के खिलाफ चरणबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। पहली बार अनुपस्थित मिलने पर चेतावनी, दूसरी बार नोटिस और तीसरी बार अनुपस्थित पाए जाने पर निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी (प्रशासन)/जिला खरीद अधिकारी रजनीश कुमार मिश्र ने क्रय एजेंसियों के केंद्र प्रभारियों की उपस्थिति की जांच की। अनुपस्थित पाए गए प्रभारियों के खिलाफ नोटिस जारी करने के लिए संबंधित जिला प्रबंधकों को निर्देशित किया गया।
भ्रष्टाचार मिला तो एफआईआर, एंटी करप्शन टीम रहेगी सक्रिय
जिलाधिकारी ने धान खरीद प्रक्रिया में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के प्रति सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि किसी भी प्रकार का अवैध लेनदेन या अनियमितता सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार एफआईआर दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने विशेष रूप से सहकारिता से जुड़े क्रय केंद्रों के प्रभारियों को चेतावनी दी कि कार्यप्रणाली में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
केंद्रों पर स्थायी वॉल पेंटिंग और हेल्पलाइन की व्यवस्था
बैठक में निर्देश दिए गए कि क्रय केंद्रों पर अस्थायी बैनर के बजाय स्थायी वॉल पेंटिंग कराई जाए। इसमें खाद्य एवं रसद विभाग का टोल-फ्री नंबर और धान खरीद से संबंधित जरूरी जानकारी स्पष्ट रूप से अंकित हो, ताकि किसानों को सुविधाओं और नियमों की जानकारी आसानी से मिल सके।
जिलाधिकारी ने आगामी तीन दिनों के अवकाश के दौरान क्रय केंद्रों की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं शत-प्रतिशत पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी बताया कि किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जल्द ही कलेक्ट्रेट स्तर से एक समर्पित हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाएगा।
बारिश से धान बचाने के लिए पुख्ता इंतजाम के निर्देश
मौसम में उतार-चढ़ाव और बारिश की संभावना को देखते हुए जिलाधिकारी ने सभी केंद्र प्रभारियों को तिरपाल, जल निकासी और सुरक्षित भंडारण की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यवस्थाओं में लापरवाही के कारण यदि धान भीगता है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित केंद्र प्रभारी और व्यवस्था के लिए जिम्मेदार अधिकारी की होगी।
वास्तविक किसानों से खरीद सुनिश्चित करने पर जोर
जिलाधिकारी ने कहा कि वास्तविक किसानों से नियमानुसार धान खरीद हर हाल में सुनिश्चित की जाए। किसानों के साथ सौम्य और सहयोगात्मक व्यवहार किया जाए तथा उन्हें धान साफ-सुथरा और निर्धारित मानकों के अनुरूप सुखाकर लाने के लिए प्रेरित किया जाए।
यदि किसी किसान की उपज निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई जाती और किसान निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार असहमति जताता है, तो संबंधित तथ्य नियमानुसार रिजेक्शन रजिस्टर में स्पष्ट रूप से दर्ज किए जाएं।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन)/जिला खरीद अधिकारी रजनीश कुमार मिश्र, जिला खाद्य विपणन अधिकारी राकेश मोहन पाण्डेय, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता गणेश गुप्ता, सभी क्रय एजेंसियों के जिला प्रबंधक, धान क्रय केंद्र प्रभारी, मंडी सचिव, समस्त एडीसीओ (ADCO) और एडीओ (ADO) सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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