सहायक ब्यूरो चीफ प्रमोद मिश्रा, बलरामपुर ✍️
सकरन, सीतापुर। तहसील क्षेत्र के ग्राम देवतापुर में बाढ़ से बर्बाद हुई फसलों के सर्वे को लेकर किसानों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने राजस्व विभाग के सर्वे में अनियमितता का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी सीतापुर को शिकायती पत्र सौंपा है। किसानों ने प्रभावित फसलों का दोबारा निष्पक्ष सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
30 से 40 बीघा धान और उड़द की फसल बर्बाद होने का दावा
ग्रामीण उमाशंकर की ओर से जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि गांव में बाढ़ के कारण करीब 30 से 40 बीघा धान और उड़द की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। आरोप है कि राजस्व विभाग द्वारा कराए गए सर्वे में कई प्रभावित किसानों के नाम शामिल नहीं किए गए, जिससे उनके मुआवजे से वंचित रहने की आशंका है।
दुकान पर बैठकर सर्वे करने का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संबंधित लेखपाल ने गांव में खेतों तक जाकर फसलों की वास्तविक स्थिति का जायजा लेने के बजाय ग्राम पंचायत के एक व्यक्ति की दुकान पर बैठकर ही सर्वे की औपचारिकता पूरी कर दी। किसानों ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ स्थानों पर उड़द की फसल को धान की फसल दर्शाकर रिपोर्ट तैयार की गई।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि सर्वे में हुई कथित अनियमितताओं को दूर नहीं किया गया, तो वास्तविक रूप से प्रभावित कई किसान सरकारी मुआवजे से वंचित रह सकते हैं।
दोबारा निष्पक्ष सर्वे कराने की मांग
शिकायती पत्र पर आनंद कुमार, निर्मला देवी, राजकिशोर, ईश्वरदीन, सुनील, रामदुलारी, किशोरी और कौशल कुमार सहित दर्जनों किसानों के हस्ताक्षर बताए गए हैं। किसानों ने जिलाधिकारी से मामले की जांच कराने, बर्बाद फसलों का दोबारा निष्पक्ष सर्वे कराने और पात्र किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिलाने की मांग की है।
अब किसानों को उम्मीद है कि प्रशासन शिकायत का संज्ञान लेकर मामले की जांच कराएगा और प्रभावित किसानों को उचित राहत दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।
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