सुधीर सिंह कुम्भाणी की रिपोर्ट
सकरन (सीतापुर)।
सरकार के स्पष्ट आदेश के बावजूद विकासखंड सकरन की अधिकांश ग्राम पंचायतों में वाल्मीकि जयंती पर रामचरित मानस का अखंड पाठ नहीं कराया गया। केवल सांडा, उमराकलां, सुमारावां और क्योंटाना हरदोपट्टी ग्राम पंचायतों में ही कार्यक्रम आयोजित हुआ, जबकि बाकी जगह जिम्मेदारों ने आदेश की पूरी तरह अनदेखी कर दी।
शासन ने निर्देश दिया था कि जयंती के अवसर पर सभी विकासखंडों के वाल्मीकि मंदिरों, धार्मिक स्थलों और अन्य मंदिरों पर रामायण पाठ करवाया जाए। इस संबंध में ग्राम पंचायत अधिकारियों और प्रधानों को आदेश भी जारी हुए थे और खर्च का वहन शासन द्वारा किए जाने की बात भी कही गई थी।
इसके बावजूद अधिकांश पंचायतों में कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया। इससे यह साफ हो गया कि ब्लॉक कर्मी, प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी शासनादेश को गंभीरता से नहीं लेते। ग्रामीणों में इस लापरवाही को लेकर आक्रोश है।
खंड विकास अधिकारी श्रीश कुमार गुप्ता ने कहा –
“यह धर्म का कार्य था, सभी प्रधानों को इसे करवाना चाहिए था। आदेश का पालन न करना गंभीर लापरवाही है।”
सरकारी आदेश की अनदेखी ने एक बार फिर स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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