शाहजहाँपुर, 29 दिसम्बर 2025।
जनपद में आलू, टमाटर, आम, केला एवं शाकभाजी फसलों के गुणवत्तायुक्त उत्पादन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उद्यान विभाग, शाहजहाँपुर द्वारा किसानों के लिए महत्वपूर्ण कृषि परामर्श जारी किया गया है। मौसम विभाग द्वारा तापमान में गिरावट, घने कोहरे एवं बूंदाबांदी की संभावना जताए जाने के दृष्टिगत फसलों में रोगों व कीटों का प्रकोप बढ़ने की आशंका है।
जिला उद्यान अधिकारी पुनीत कुमार पाठक ने बताया कि जनपद में लगभग 15 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में आलू की खेती संभावित है। ऐसे में आलू व टमाटर की फसल पिछेती झुलसा रोग के प्रति अत्यधिक संवेदनशील हो जाती है। बदलीयुक्त मौसम, अधिक नमी और 10 से 20 डिग्री तापमान में यह रोग तेजी से फैलता है और 2 से 4 दिनों में पूरी फसल नष्ट कर सकता है।
उन्होंने किसानों को सलाह दी कि अगेती व पिछेती झुलसा रोग से बचाव के लिए अनुशंसित फफूंदनाशक दवाओं का समय से छिड़काव करें। साथ ही आलू की फसल में माहू कीट के प्रकोप की स्थिति में नीम तेल अथवा स्वीकृत कीटनाशकों का प्रयोग करें।
आम की फसल को गुझिया कीट (मैंगो मिलीबग) से बचाने के लिए दिसम्बर माह में बाग की हल्की जुताई, तनों पर पॉलीथीन पट्टी लगाकर ग्रीस लगाने तथा क्लोरीपाइरीफॉस का प्रयोग करने की सलाह दी गई है। वहीं मिर्च, मटर, टमाटर सहित अन्य सब्जियों को पाला, कोहरा एवं बूंदाबांदी से बचाने हेतु समय-समय पर सिंचाई करने तथा पौधशालाओं को पॉलीथीन या टाट से ढकने की अपील की गई है।
जिला उद्यान अधिकारी ने किसानों से अनुरोध किया है कि किसी भी प्रकार की जानकारी या तकनीकी सहायता के लिए जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय, विकास भवन, शाहजहाँपुर से संपर्क करें, ताकि समय रहते फसलों को होने वाले नुकसान से बचाया जा सके।
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